- कुपोषण का प्रमुख कारण गरीबी न होकर जागरूकता की कमी होना है; स्वच्छता एवं कुप्रथाओं के प्रति व्यवहार-परिवर्तन से पोषण की स्थिति में काफी सुधार आएगाः जिलाधिकारी
- पोषण अभियान में मुजफ्फरपुर जिला के राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर जिलाधिकारी ने हर्ष व्यक्त किया
- पूरे आईसीडीएस परिवार पर जिला प्रशासन को गर्व; हमारे डीपीओ, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका तथा आँगनबाडी सेविका एवं सहायिका पोषण अभियान के ब्रैंड-एम्बेसडरः डीएम
- कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें: जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिया निर्देश
मुजफ्फरपुर। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा है कि कुपोषण का प्रमुख कारण गरीबी न होकर लोगों में जागरूकता की कमी होना है। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह (9 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2026 तक) के अवसर पर आयोजित जिला-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं। बच्चों, किशोरों/किशोरियों एवं महिलाओं में कुपोषण दूर करने के लिए वृहद स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। माता-पिता एवं अभिभावकों को जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण के दुश्चक्र को तोड़ने के लिए व्यवहार-परिवर्तन आवश्यक है। समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के विरूद्ध एवं स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक होना पडे़गा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। शिशु पोषण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। बाल-विवाह के विरूद्ध अभियान, दहेज-प्रथा पर रोक, मद्य-निषेध जैसे समाज सुधार अभियानों के बदौलत समाजिक स्तर पर क्रांति आई है। कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर तथा कुल प्रजनन दर में काफी कमी आई है। लोगों के जीवन-स्तर में सुधार हुआ है तथा सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन आया है।
डीएम ने कहा कि पूरे आईसीडीएस परिवार पर जिला प्रशासन को गर्व है। हमारे डीपीओ आईसीडीएस, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका तथा आँगनबाडी सेविका एवं सहायिका पोषण अभियान के ब्रैंड-एम्बेसडर हैं। इनके द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है। लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जाती है। उन्होंने कहा कि आईसीडीएस के अधिकारी एवं कर्मी क्षेत्रों में बच्चियों एवं छात्र-छात्राओं के साथ समय समय पर इन्टरैक्शन भी करें ताकि उन्हें भी आपके अनुभव का लाभ मिले।
जिलाधिकारी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पोषण अभियान में मुजफ्फरपुर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आपलोगों के अथक प्रयास से यह संभव हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण की स्थिति में सुधार के कारण जिला में विगत 4 वर्षों से चमकी बुख़ार से संबंधित कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। आगे भी आपलोग महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करेंगे ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिलाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस एवं अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप-प्रज्जवलन कर कार्यशाला का शुभांरभ किया। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस द्वारा पोषण अभियान के तहत पोषण माह के तहत जिला अंतर्गत किये जा रहे कार्यों का विस्तार से वर्णन किया गया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर लगाए गए पोषण स्टॉल्स का भी निरीक्षण किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है। इस वर्ष का पोषण माह का मुख्य विषय ’’हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’’ है। इसके अंतर्गत पाँच उप-विषयों पर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ये उप विषय हैं: आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन (एचसीएम), सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाय)/ मातृ स्वास्थ्य हेतु नकद अंतरण।
आज के कार्यक्रम में इन महत्वपूर्ण उप विषयों से सम्बंधित एवं अन्य प्रासंगिक थीम पर स्टॉल्स लगाया गया जो इस प्रकार है:
स्टाॅल 1. आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन
स्टाॅल 2. आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन (एचसीएम)
स्टाॅल 3. सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही
स्टाॅल 4. बाल विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन
स्टाॅल 5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाय)/ मातृ स्वास्थ्य हेतु नकद अंतरण
स्टाॅल 6. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना
स्टाॅल 7. हेल्दी बेबी शो(05 स्वस्थ बच्चे को पुरस्कृत किया गया)
स्टाॅल 8. गोदभराई एवं अन्नप्राशन (एक-एक लाभुक का गेदभराई एवं अन्नप्रासन कराया गया।
ज़िलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि गाँव स्तरों पर इन विषयों से संबंधित किये जा रहे कार्यों को बतायें ताकि जन-जन को जागरूक किया जा सके। उन्होंने सभी से अपील की कि पोषण अभियान के माध्यम से पोषण संबंधी सभी आवश्यक तथ्यों से समुदाय को अनिवार्य रुप से जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह एक बहुत अच्छा अभियान है। बिहार विकसित तभी होगा जब हर बच्चा स्वस्थ होगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करें।
जिलाधिकारी द्वारा इस अवसर पर बच्चों, किशोरों/ किशोरियों तथा महिलाओं को कुपोषणमुक्त, स्वस्थ एवं मजबूत बनाने के लिए उपस्थित सभी लोगों को पोषण शपथ दिलाई गई। जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक परियोजना से 01-01 उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनबाड़ी सेविका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही स्कूल पूर्व शिक्षा में नामांकित बच्चों को विद्यारम्भ प्रमाण पत्र भी दिया गया। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना एवं प्रधानमृत्री मातृ वन्दना योजना के लाभुक को चेक प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईसीडीएस द्वारा दी जानेवाली सेवाओं में पारदर्शिता और नियमित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षिका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की है और वे इसे अच्छी तरह कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने और जन-जन को पोषण के सम्बंध में जागरूक करने का निदेश दिया।
विदित हो कि सरकार के निदेश के आलोक में पूरे जिला में पोषण माह का आयोजन हो रहा है। जिला में अनेक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लोगों को पोषण अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य तथा पोषण के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने कहा कि जन-जन को स्वास्थ्य एवं पोषण के बारे में लगातार अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म कार्य योजना के अनुसार वार्ड, आंगनबाड़ी केन्द्रों, बाल विकास परियोजनाओं तथा जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। डीएम ने विभिन्न विभागों यथा स्वास्थ्य, पंचायती राज, कल्याण, बाल संरक्षण, जीविका, शिक्षा, आईसीडीएस, पीएचईडी आदि के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित कर जन-जागरूकता फैलाने का निदेश दिया।
ज़िलाधिकारी ने कहा कि *महिलाओं एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता* है। सभी सम्बद्ध पदाधिकारी इसके लिए *सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* रहें।
आज के इस अवसर पर जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आई.सी.डी.एस., सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सभी महिला पर्यवेक्षिका, सभी प्रखंड समन्वयक,संबंधित आँगनबाड़ी सेविकाएँ एवं जिला प्रोग्राम कार्यालय के कर्मी उपस्थित थे।
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