- रामगढ़ के रजरप्पा मंदिर में वर्दी वाले 6 पुलिस जवानो का आतंक देखिए, किस तरह पूजा करने आए युवक की दरिंदों की तरह लाठी डांटे और मुक्कों से पिटाई कर रहे हैं, साथ आई महिला छोड़ देने की गुहार लगा रही है लेकिन इसका कोई असर वर्दी वाले जवानों पर नहीं हो रहा, यह पुलिस है या वर्दी वाले गुंडे?
- एसपी अजय कुमार ने चारों आरोपी पुलिस जवानों को किया निलंबित
रामगढ़ : रामगढ़ जिला के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर दरबार में पूजा-अर्चना करने आए एक युवक के साथ पुलिस की वर्दी में 6 जवानों ने लाठी डांटे और मुक्केबाजी से बुरी तरह मारपीट की , उसके साथ आई महिला पुलिस के जवानों से छोड़ देने की गुहार लगाती रही लेकिन पुलिस के जवानो नहीं युवक को छोड़ा नहीं , ऐसा लग रहा था कि पुलिस के सभी जवान मिलकर श्रद्धालु युवक की पीठ पीठ कर हत्या कर देंगे?
आखिर क्यों? इन पुलिस के जवानों को किसने अधिकार दिया किसी श्रद्धालुओं को इस तरह से पिटाई करने की?
पुलिस जवानों के द्वारा एक श्रद्धालु की इस तरह पिटाई करनाअत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। श्रद्धालुओं पर इस प्रकार का सीधा प्रहार कहीं न कहीं सनातन आस्था पर भी चोट पहुंचाता है।
किसी व्यक्ति को उसके पूरे परिवार के सामने पीटना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह मानवीय गरिमा के भी विरुद्ध है। सवाल यह उठता है कि क्या कानून इस प्रकार की कार्रवाई की अनुमति देता है?
किसी भी धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। इससे न केवल उस पवित्र स्थान की मर्यादा प्रभावित होती है, बल्कि राज्य और प्रशासन की छवि भी धूमिल होती है। प्रशासन को चाहिए कि वह श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता और सम्मानपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करे।
इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले पुलिस जवानों के खिलाफ रामगढ़ जिला के पुलिस कप्तान को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
एसपी अजय कुमार ने की कड़ी कार्रवाई पुलिस के चारों जवानों को किया निलंबित
पूरे मामले पर एसपी अजय कुमार ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी चारों पुलिस जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मारपीट के आरोपी इन जवानों को किया गया निलंबित
आरक्षी श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, आरक्षी बहादुर उरांव और आरक्षी जॉनसन सुरीन (सभी आरक्षी सैट-112, कैम्प रजरप्पा, झारखंड सशस्त्र पुलिस-04, बोकारो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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