Live News 24×7 के लिए मोतिहारी से कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। गन्दी राजनीतिक मानसिकता वाले व्यक्तियों के द्वारा निगम क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों को देखा नहीं गया। उनके द्वारा सत्ता के बल का दुरुपयोग करते हुए निगम क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों को गलत-सलत तथ्य देकर निविदा को रुकवा दिया गया है। उनके द्वारा यह तथ्य दिया गया है कि जो निविदा निगम के द्वारा निकाली गई है, उसमें एक वार्ड की योजना नहीं ली गई है। उक्त बातें आज नगर निगम की महापौर प्रीति गुप्ता ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कही।
महापौर ने बताया नगर वासियों की जन समस्याओं जैसे नाला, रोड, पुल – पुलिया के निर्माण कार्य कराने के लिए कुल 94 योजनाओं, जिसकी कुल अनुमानित राशि 41 करोड़ रुपया के योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए निविदा आमंत्रित कराई गई थी ताकि आये दिन आम नागरिकों को हो रही जन समस्याओं जैसे प्रति दिन विभिन्न वार्डों में होने वाले जल जमाव की समस्या, आवागमन के लिए पथों की समस्या, जल निकासी हेतु नालों का निर्माण इत्यादि कराकर आम नागरिकों की जन समस्याओं को दूर किया जा सके।
यह सही है कि सिर्फ एक वार्ड की योजना उस निविदा का हिस्सा नहीं थी। उसके लिए निगम क्षेत्रों के 45 वार्डों का विकास कार्य बाधित कर दिया जाए ? जबकि निगम के द्वारा आगामी बैठक में छूटे हुए एक वार्ड का भी योजना का प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
साथ ही इन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा कुल 15 करोड़ की राशि का कुल 31 योजनाओं का चयन सशक्त स्थायी समिति द्वारा किया गया था। इन योजनाओं के तकनीकी अनुमोदन हेतु प्रस्ताव लगभग दस माह पूर्व विभाग को भेजा गया था, किंतु अब तक अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। इससे साफ जाहिर होता है कि निगम द्वारा प्रस्तावित कार्यों के निष्पादन में विभागीय स्तर पर अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। इससे प्रतीत होता है कि राजनीतिक साजिश के तहत निगम क्षेत्रों में विकास कार्य को बाधित करने का प्रयास विभाग एवं पदाधिकारीयों के माध्यम से कराया जा रहा है।
इन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा ये मोतिहारी के नगर वासियों के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसी घटिया राजनित किसी राज नेता को शोभा नही देता है। वही इन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिबंधियों के द्वारा साजिश रची जा रही है कि विकास कार्य का श्रेय नगर निगम को प्राप्त न हो, इसके लिए मेरे ऊपर सत्ता के बल का दुरुपयोग करते हुए विभागीय जांच प्रारंभ करा दी गई है।
कुल 56 करोड़ रुपया की योजना से निगम क्षेत्र के आम नागरिकों को जो मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होतीं, उससे आम नागरिकों को वंचित होना पड़ गया। अगर इतने बड़े राशि से निगम क्षेत्रों में विकास कार्य होता, तो निगम क्षेत्रों की कई जटिल समस्याओं का निदान हो जाता।
आम नागरिकों को जल जमाव की समस्या, गंदे पानी की निकासी की समस्या, आवागमन के लिए पथों की समस्या से वंचित रहना पड़ रहा है, केवल इसलिए कि महापौर की लोकप्रियता न बढ़े तथा मोतिहारी शहर के आम नागरिक को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़े।
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