- जातीय-सामाजिक समीकरण में पूरी तरह फिट, जनसंपर्क अभियान से गांव-गांव में कायम किया पकड़
अनूप नारायण सिंह।
एकमा विधानसभा क्षेत्र में इस बार चुनावी समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। लोजपा (रामविलास) के सक्रिय सदस्य और चिराग पासवान की टीम के विश्वस्त नेता कामेश्वर सिंह मुन्ना ने गांव-गांव में जनसंपर्क अभियान छेड़ दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। जातीय और सामाजिक समीकरणों में पूरी तरह फिट माने जाने वाले मुन्ना की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
2009 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए एकमा विधानसभा क्षेत्र में राजपूत मतदाताओं की संख्या प्रभावशाली है। 2020 के विधानसभा चुनाव में कामेश्वर सिंह मुन्ना ने निर्णायक बढ़त लेकर विरोधियों को कड़ी चुनौती दी थी। यही नहीं, तब से लेकर अब तक उन्होंने क्षेत्र में निरंतर जनसंपर्क बनाए रखा है और हर वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ स्थापित की है।
मुन्ना का जनसंपर्क अभियान इन दिनों चरम पर है। उनकी युवा टीम क्षेत्र के हर पंचायत और गांव में सक्रिय है। ये टीमें न सिर्फ जनता से संवाद कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की समस्याओं को भी चिन्हित कर नेतृत्व तक पहुंचा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर कामेश्वर सिंह मुन्ना लगातार प्रखर भूमिका निभा रहे हैं।
पटना से लेकर एकमा तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार लोजपा (रामविलास) की ओर से एकमा सीट पर कामेश्वर सिंह मुन्ना को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इसको लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। अगर उन्हें टिकट मिलता है तो वे अपने जनाधार और सामाजिक समीकरण के आधार पर एक मजबूत दावेदार साबित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कामेश्वर सिंह मुन्ना जैसे नेता का विधानसभा में पहुंचना एकमा के विकास को नई दिशा दे सकता है। उनका जमीनी जुड़ाव और संघर्षशील छवि उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।
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