- आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिद्धार्थ कम्पैशन ट्रस्ट ने कराया एक माह का प्रशिक्षण
- एसडीएम और जेल अधीक्षक ने वितरित किए प्रमाणपत्र
गया जी। उपकारा शेरघाटी में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। मिशन विहान के तहत बोधगया की संस्था सिद्धार्थ कम्पैशन ट्रस्ट की ओर से पुरुष बंदियों के लिए एक माह का सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण पूरा होने पर मंगलवार को प्रतिभागियों के बीच प्रमाणपत्र वितरित किए गए हैं। कार्यक्रम में शेरघाटी के एसडीएम जतिन कुमार और जेल अधीक्षक सतीश कुमार सिंह ने बंदियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को हुनरमंद बनाकर जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रशिक्षण के दौरान बंदियों को सिलाई के विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के व्यावसायिक प्रशिक्षण से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे सजा पूरी करने के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के साथ आजीविका अर्जित कर सकेंगे। सिद्धार्थ कम्पैशन ट्रस्ट के निदेशक विवेक कुमार कल्याण ने इस आयोजन में सहयोग के लिए कारा प्रशासन के प्रति आभार जताया। मौके पर उपाधीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक अधीक्षक सुनील कुमार यादव, जेल चिकित्सक डॉ. रघुनंदन कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, संस्था के शिल्पी, रजत कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे हैं।
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