कैमूर में जन-संवाद कार्यक्रम: जनता के दरबार में पहुंचे 21 आवेदन, त्वरित निष्पादन का डीएम ने दिया निर्देश

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भभुआ,कैमूर। जिले में आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों और ग्रामीण पंचायतों तक जन-संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी के जनता के दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए। डीएम ने सभी मामलों का संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। जिला प्रशासन की ओर से संचालित इस विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न कार्यालयों में पदाधिकारियों ने आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान लोगों की समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने गए। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी तंत्र को जनता के करीब लाना और सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्तर पर अब तक 12 अधिकारियों ने 6 नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया। वहीं, जिले के सभी 11 प्रखंडों में 20 अधिकारियों की उपस्थिति रही, जहां कुल 68 नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जन-संवाद के माध्यम से लोगों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया गया। अभियान बसेरा-2 के 18 फरियादियों ने रखीं समस्याएं जनता के दरबार के दौरान अभियान बसेरा-2 से संबंधित 18 फरियादियों ने जिला पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीन एवं सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस संबंध में डीएम ने लाभुकों को आवश्यक प्रक्रिया और प्रमाण-पत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूमि बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र संबंधित अंचल कार्यालय से ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए लाभुकों को किसी राज्य स्तरीय कार्यालय का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लाभार्थियों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करने की अपील की। अंचल कार्यालयों को प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्देश डीएम ने अपर समाहर्ता और जिले के सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान बसेरा-2 के लाभार्थियों के साथ समन्वय स्थापित कर उनके भूमि बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र का निर्गमन अंचल कार्यालय स्तर पर ही सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिला नोडल पदाधिकारी ने बताया कि जन-संवाद कार्यक्रमों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने और विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। Crime Khabar की नजर: जन-संवाद कार्यक्रमों के जरिए जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में प्रयासरत है। अब देखना होगा कि प्राप्त आवेदनों और अभियान बसेरा-2 से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में कितना निष्पादन हो पाता है। 19
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