- वर्णवाल समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह मे केन्द्रीय मंत्री ने समाज को रोशन करने वाले को किया सम्मानित
गया जी।गया में अहिवरन मेधा सम्मान समारोह सह वरन प्रेरणापुंज सम्मान समारोह एवं वार्षिक योजना सह आम सभा 2025, का केंद्रीय मंत्री भारत सरकार जीतन राम मांझी के कर कमलों द्वारा इस समारोह का उद्घाटन 03 अगस्त 2025 को प्रेक्षागृह एंड आर्ट गैलरी, हरिदास सेमिनरीहाई स्कूल गयाजी में किया गया है।इस आयोजन समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एवं मुख्य अतिथि,बरनवाल वैश्य महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष महानगर जदयू गयाजी राजकुमार प्रसाद उर्फ राजू बरनवाल , इंजीनियर अवधेश कुमार को बरनवाल समाज के प्रबुद्ध और सम्मानित लोगों के द्वारा अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित करने का काम किया गया है।
सर्वप्रथम राजकुमार प्रसाद उर्फ राजू बरनवाल ने बरनवाल समाज के परिवारों के साथ महाराजा अहिबरन जी के तैलिय चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प-गुच्छ देकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि के रूप में जीतन राम मांझी ने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कुछ बाते आ जाती है उस बात को मै नही कहता हूं आज अठसी साल के उम्र हो गयी लेकिन आज तक एक भी शिलापट्ट नही लगाया हू। मै उस घर से आया हू जहा से लोग सोचतै भी नहीं है।मै1991 के समय गया जी आया था गांव से चुनाव लड़ने उस समय मेरे प्रणार मे स्व पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने लोगों से कहा था जीतन राम मांझी को जिताओ लेकिन लोगों ने ध्यान नहीं दिया,उस समय लोग जिताते तो गया कि स्थिति ऐसी नही बनी रहती।फिर इस बार गांधी मैदान से लोकप्रिय प्रधानमंत्री ने आप गया जी संसदीय क्षेत्र के लोगों से अपील किया था उस समय मेने मगही भाषा में मेने प्रधानमंत्री से गया जी वासियों के लिए कोरिडोर का माग की थी प्रधानमंत्री ने मुझे पहली मंत्रिमंडल में दो कोरिडोर गया जी के आप यहा पर आए लोगों के कारण मिला।मै अपने को राजनेता नही समाज सेवी समझता हूं। निचे गिर हुए लोगों को उठाने का काम करे,आज भी भारत एवं बिहार में 70 प्रतिशत लोग गरिब है इस सभा में वर्णवाल समाज और गया संसदीय क्षेत्र के लोगों को ग्लोबल वार्मिंग एवं प्रदुषण की समस्या बढी समस्या इस समय की है।मानवी मुल्य की कमी हो गयी है अभी के समय में,हमलोग के सामने कुछ भी घटित होता है हम नही दखल देते हैं अनदेखी कर देते हैं।1990 के समय मे लोग एक दूसरे के और हर समय मदद के लिए तैयार रहते थे।आगे आप लोग समाज के अगुआ है आप बच्चे वर्णवाल समाज के भविष्य है।*संसद हो विधानसभा सबमे आप सभी को प्रतिनिधित्व मिलनी चाहिए*।समाज का प्रतिनिधित्व गया जी से विधानसभा में जाए इसके लिए एक जुट होकर विधानसभा में जिताकर भेजना होगा जो आपकी आवज बनकर आपके मुद्दे को सदन में रख सके,*मै आपके समाज के लिए आगे बोलूंगा*इस सम्मान प्रतिभा पाने वाले बच्चे बच्चीयो को बहुत बहुत बधाई देता हूं। इसपर अहिवरन समाज द्वारा केन्द्रीय मंत्री से दो मांग मागी गई है एक गया जी मे अहिवरन चौक एव अहिवरन महराज की मूर्ति के लगनी चाहिए दुसरी मांग मे वर्णवाल समाज से राजू वर्णवाल को गया जी प्रतिनिधित्व के लिए टिकट मिलना चाहिए।आगे
बीपीएससी, दरोगा (SI) उत्तीर्ण, नीट, आईआईटी व 2024-25 सत्र में मैट्रिक और इंटरमीडिएट में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी, स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा ही समाज और देश की तरक्की का मार्ग है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बेटियां भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। छात्र और छात्राओं को निरंतर अध्ययन और अनुशासन का पालन करने की सलाह दी।
इस कार्यक्रम के दौरान राजकुमार प्रसाद उर्फ राजू बरनवाल ने भी कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना और समाज में शिक्षा के महत्व को स्थापित करना था,आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत की है। इस मंच को सुशोभित करने वाले बैठे हैं जो कुछ दिन पहले आपके पास आकर गया जी के विकास के लिए मत मांगने के लिए आए थे। हम ऐसे व्यक्ति को अपना वोट किया है।जो छोटे छोटे कार्यक्रम में आ जाते हैं उनकी सोच है कि जो लोग हमे मत देकर सदन मे अपनी आवाज बनाकर भेजा है उसके पास जाउ, वर्णवाल समाज के तरफ से एसे शख्सियत को साधुवाद देते हैं हमारे समाज के अग्रणी भुमिका मे पहला योगदान आपका होगा।
इस कार्यक्रम में बीपीएससी, दरोगा (SI) उत्तीर्ण, नीट,आईआईटी व हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया है। इस समारोह में बड़ी संख्या में बरनवाल समाज के विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षाविद शामिल हुए हैं। मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि रोमित कुमार,टटु खा,हम जिला अध्यक्ष , गणेश कुमार,
जितेन्द्र साई,प्रभा आर्या,आदी काफी संख्या में वर्णवाल समाज के लोग उपिस्थति हुए थे।
482
