अशोक वर्मा
मोतिहारी : लंबे समय से बरसात की प्रतीक्षा में पलक बिछाए जिले वासियों को थोड़ी राहत हुई, तपती फिर उमस भरी गर्मी, सावन माह में उड़ते धूल, खेतों में धान के सूखते फसल को थोड़ी राहत मिली ।इस वर्ष की पहली बरसात आज तीसरी सोमवारी के दिन हुई जिससे आम लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन एक विभाग को काफी शर्मिदगी रही क्योंकि उसके सारे पोल खुल गए। वह विभाग है नगर निगम। हल्की बरसात में ही पूरा शहर बजबजा गया ।लगभग एक वर्ष से जाम और बजबजाते कीचड़ से भरी नालियो एवं अतिक्रमण के कारण सिकुड़ती सडको ने एक ही बरसात मे सब पोल खोल कर रख दिया ।घंटो सड़क जलमग्न रहे लेकिन धीरे-धीरे सड़क पर लगे पानी को नालियों के कीचड ने सोख लिया और आम लोगों को राहत हुई। सबसे अधिक सुख और प्रसन्नता किसानों के चेहरे रहे क्योंकि उनका जीवन दाव पर लगा था। महंगी खेती करने के बाद अपने आंखों के सामने तड़पते सूखते धान के बिचड़े को देख देख किसान के होश उड़े हुए थे ,लेकिन आज के बरसात से उन्हें राहत मिली और कुछ उम्मीद बनी कि धान की खेती पूरी तरह बर्बाद नहीं होगी ।
138
