अशोक वर्मा
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले मे पानी के लिए चारों तरफ हाहाकार मची हुई है। जिले को अकाल ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग लगातार उठ रही है। जिले में बरसात न होने के कारण धान के पौधे सूख रहे हैं और सावन माह सुखा हो जाने से किसानों के घर में मातम मचा हुआ है। जैसे-तैसे लोग कर्ज लेकर बोरिंग से पाटकर धन की रोपनी की है लेकिन आंखों के सामने अपनी बर्बादी को देख किसानों के आंखों में आंसू आ गए हैं। गांव में पानी का लेयर नीचे चले जाने से बोरिंग से पटवन भी नहीं हो पा रही है, ऐसी स्थिति में जिले में चारों तरफ हाहाकर मची हुई है और किसान संगठन से लेकर अन्य कई संगठन के लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि पूर्वी चंपारण जिले को सूखाग्रस्त -अकाल ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए ।जेपी सेनानी अमर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि पूर्वी चंपारण जिला पूरी तरह सुखे की चपेट में है इसलिए सरकार को अविलंब सूखाग्रस्त एवं अकाल ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर देना चाहिए। पूर्वी चंपारण जिला के मेहनती किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए बिचड़े को बचाने के लिए जल्द से जल्द सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग के साथ पीने के पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है। जिले के जल संकट वाले क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर पीने के स्वच्छ जल घर-घर तक पहुंचाने का प्रबंध किए जाने के संदर्भ में जिला पदाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण मोतिहारी से आग्रह किया गया है कि नदियों तालाबों पोखर और अन्य तरह के प्राकृतिक जल संसाधन के बावजूद आज चंपारण सूखे की चपेट में आ गया है।जेपी सेनानी अमर ने उपरोक्त विषय के संदर्भ में डीएम का ध्यान आकर्षित करते हुए आग्रह किया है कि जितना जल्द हो सके उपरोक्त तीनों विषय पर बिहार सरकार का ध्यान चंपारण के मेहनती किसानों के परिश्रम और उनके द्वारा लगाई गई पूंजी को सुरक्षित करने, खेतों में लगे धान के बिचडे को हर तरह की सहायता उपलब्ध कराकर खेती को बचाने की दिशा में कदम उठाने की कृपा की जाए। इसके लिए हर संभव सहायता के संदर्भ में सरकार का ध्यान इस और आकर्षित किया जाए ।इस कड़ी में उल्लेखनीय है कि संपूर्ण जिले मे पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया है। चापाकल, हैंडपंप और लोगों के घरों में लगे मोटर पंप जवाब दे रहे हैं ,पीने के पानी का घोर किल्लत उत्पन्न हो गया है ।जिले के कई क्षेत्रों में पीने के पानी के संकट को लोग झेल रहे हैं इसके लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए ताकि जो चापाकल छोटे-मोटे मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं उसे चालू किया जा सके, वैसे भी भूगर्भ जल की स्थिति बहुत ही बदतर है जिसके कारण पीने के पानी का संकट का लोग सामना करने पर मजबूर है ।अमर ने कहा है कि पूर्वी चंपारण जिला को सूखाग्रस्त घोषित करने की दिशा में अविलंब कदम उठाया जाय।
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