मोतिहारी। बिहार आइडिया फेस्टिवल 2025 का भव्य आयोजन आज मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (MCE), मोतिहारी में किया गया। यह कार्यक्रम बिहार सरकार की “स्टार्टअप बिहार” नीति के तहत नवाचार, उद्यमशीलता एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संपन्न हुआ। जिले में इस स्तर का यह अनूठा आयोजन बना, जहां छात्रों को अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच मिला और इनोवेशन की संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य हुआ।
इस प्रेरणादायक आयोजन का नेतृत्व मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज की इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप सेल (E-Cell) ने किया। जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, जैसे जवाहर नवोदय विद्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय समेत अन्य स्कूलों एवं कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और नवाचार आधारित आइडिया प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे श्री सौरभ सुमन (नगर आयुक्त, पूर्वी चंपारण) एवं श्री शुभम कुमार (महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, पूर्वी चंपारण)। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए:
• सुश्री प्रिया रानी (सहायक कलेक्टर)
• ज्योति कुमारी (सहायक निदेशक, स्टार्टअप बिहार)
• प्रो. (डॉ.) नवनीत कुमार (प्राचार्य, मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज)
• श्री आलोक रंजन (संस्थापक, GAON)
• श्री अंकित कुमार (जिला नियोजन पदाधिकारी)
• श्री सुदर्शन चक्रवर्ती(वरिष्ठ सलाहकार स्टार्टअप बिहार)
इन सभी अतिथियों ने छात्रों को अपने विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने हेतु प्रोत्साहित किया। साथ ही, स्थानीय नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कॉलेज के ई-सेल टीम की प्रमुख भूमिका रही, जिसमें:
• डॉ. चंद्रशेखर सिंह चंदेल (फैकल्टी कोऑर्डिनेटर, E-Cell)
• श्री नवीन कुमार (जिला समन्वयक, E-Cell)
का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
फेस्टिवल के दौरान छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्मार्ट एग्रीकल्चर, हेल्थटेक, एड-टेक, ई-कॉमर्स, पर्यावरण एवं सस्टेनेबल इनोवेशन जैसे विषयों पर आधारित 50+ आइडिया को प्रदर्शित किया गया। इन्हें विभिन्न पैनल द्वारा मूल्यांकन कर चयनित किया गया, जिनमें से कुछ को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्थान दिया जाएगा।
बिहार आइडिया फेस्टिवल 2025 न केवल एक आयोजन था, बल्कि यह पूर्वी चंपारण में स्टार्टअप संस्कृति की नींव रखने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ। इसने न केवल युवाओं को सशक्त बनाया, बल्कि जिले को इनोवेशन के मानचित्र पर एक नई पहचान दी।
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