अशोक वर्मा
मोतिहारी : टोरंटो कनाडा में ‘ हिंदी राइटर्स गिल्ड ‘ (कनाडा में हिंदी साहित्यकारों की प्रतिनिधि संस्था) द्वारा दिनांक 19 जुलाई 2025 को आयोजित ‘हिंदी की सामाजिक भूमिका’ विषय पर प्रोफेसर रवींद्र कुमार रवि (पूर्व कुलपति, बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, बिहार) ने मुख्य अतिथि के रूप में सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विदेशों में हिंदी की बढ़ती भूमिका एवं लोकप्रियता को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। प्रोफेसर रवि ने प्रेमचंद के विशेष संदर्भ में साहित्य की युगांतरकारी सामाजिक भूमिका को स्पष्ट करते हुए उसे समाज के लिए मशाल बताया। इस क्रम में एल एस कॉलेज मुजफ्फरपुर बिहार विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्षा डॉ मंजरी वर्मा ने चंपारण के साक्षरता अभियान के दौरान धरातल पर किए गए कार्यों के परिप्रेक्ष्य में साहित्य की भूमिका को सोदाहरण स्पष्ट किया। उन्होंने विशेष कर महिलाओं के बीच में सघन रूप से किये गए कार्यों एवं अनुभवों के आधार पर स्पष्ट रूप से कहा कि साहित्य समाज को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा प्रदान करता है । इस महत्वपूर्ण अवसर पर कनाडा में भारतीय दूतावास की अधिकारी, मोनिका जी भी उपस्थित थीं।
यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता अमर ने प्रेस को देते हुए खुशी जाहिर की उन्होंने कहा कि भारत की सर जमीन से कनाडा की धरती पर गए और उन्होंने वहां हिंदी साहित्य का मान बढ़ाया
उल्लेखनीय है कि इसके दूसरे चरण में आयोजित कवि गोष्ठी में प्रोफेसर रवींद्र कुमार रवि ने अपनी विभिन्न कविताओं के माध्यम से सामाजिक स्वरूप का सटीक चित्रण किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने मुक्त कंठ से सराहा। संस्था की अध्यक्षा प्रोफेसर शैलजा सक्सेना ने, जो कनाडा की सुप्रसिद्ध कवयित्री – लेखिका हैं, प्रोफेसर रवि और डॉक्टर मंजरी वर्मा को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। सम्मानित किए जाने पर मोतिहारी के संस्कृतिकर्मियों ने बधाई दी। बधाई देने वालों में एम एस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ प्रोफेसर अरुण कुमार, वर्तमान प्रचार्य प्रोफेसर डॉक्टर मृगेंद्र कुमार,वरिष्ठ पत्रकार अशोक वर्मा ,चंपारण महोत्सव के संस्थापक प्रसाद रत्नेश्वर, चंपारण सांस्कृतिक महोत्सव के संजय पांडे, डॉक्टर चंद्र लता झा, रंगकर्मी अभय अनंत, अंजनी आशेष, रंगमंच के कलाकार मंजर खान, संगीत महाविद्यालय के प्रचार्य शैलेंद्र कुमार सिन्हा ,विनोद कुमार, कपिल देव, कवि मधुबाला सिन्हा, गुलरेज शहजादा,कवि ध्रुव त्रिवेदी ,सबा अख्तर के अलावा अन्य लोग है।
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