मुजफ्फरपुर में लूट का शिकार कॉलेज के लेखापाल जब अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने फरियादी को थाना में बंद कर उसकी जमकर पिटाई की। वही अब थानेदार सरेआम कान पकड़कर माफ़ी मांग रहा है।
आपको बता दे कि यह मामला मुजफ्फरपुर जिले के रामपुर हरि थाना का है, जहाँ एक कॉलेज के लेखापाल जब कॉलेज से पैसे लेकर बैंक में जमा कराने जा रहे होते हैं तो उनके साथ लुट की घटना हो जाती है और जब लूट की शिकायत लेकर कॉलेज के लेखापाल थाना पहुंचते है, तो पुलिस ने लुट की घटना को दबाने के लिए शिकायतकर्ता कॉलेज के लेखापाल को ही थाना में बंद कर काफी बेरहमी से मारपीट किया. वही अब जब मामला तूल पकड़ा तो अस्पताल पहुंच कर पुलिस पिड़ित से माफी मांग रहा है, लेकिन शिकायतकर्ता के साथ हुई मारपीट का मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है. हालांकि मामला सामने आते ही एसएसपी सुशील कुमार ने जांच का आदेश दे दिया है.पूरा मामला विशुनदेव नारायण सिंह इंटर महाविद्यालय, नरमा, मुजफ्फरपुर के लेखापाल के पद पर कार्यरत विशाल कुमार से जुड़ा है, जिसके साथ 8 जुलाई 2025 को रुपये बैंक में लेकर जाने के दौरान अपराधियों के द्वारा लूट-पाट की गई. पीड़ित विशाल कुमार ने बताया कि अपराधियों द्वारा उनसे कुल 2,11,200 (दो लाख ग्यारह हजार दो सौ) रुपये की लूट की गई. इसकी शिकायत दर्ज कराने जब वह रामपुर हरि थाना पहुँचे, तो थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा उनके आवेदन के आलोक में कार्रवाई करने के बजाये उन्हें ही बेरहमी से मारने व पीटने लगे और थाना में बंद कर दिया. थाना में उसके साथ काफी गाली गलौज व बेरहमी से मारपीट की गई. उसके बाद थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा द्वारा पीड़ित का मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया. पीड़ित ने बताया कि थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा द्वारा उन पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा था कि वह स्वीकार करें कि उसी ने स्वयं पैसे को लुटा है और नहीं मानने पर थानाध्यक्ष द्वारा लगातार उसके साथ मारपीट की गई और रात्रि के करीब 10ः30 बजे थाना से मारपीट कर भगा दिया गया.अगले दिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों द्वारा इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ वर्तमान में उसका ईलाज चल रहा है. जब मामला तुल पकड़ लिया तो थाना प्रभारी माफ़ी मागने अस्पताल पहुंच गया और गिरगिरा कर माफ़ी मांग रहा है. जिसका बीडीओ वायरल हो रहा है. इधर मामले को लेकर पीड़ित विशाल कुमार द्वारा मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग परिवाद दर्ज कराया है. मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने मामले को मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला बताते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर पुलिस रक्षक के जगह भक्षक की भूमिका में ज़्यादा दिखलाई पड़ रही है. आये दिन पुलिस द्वारा ऐसी घटनाओं को लगातार अंजाम दिया जाना मानवाधिकार के लिए खतरे का संकेत है. उन्होंने माननीय आयोग से मामले में उच्च स्तरीय जाँच करने की माँग की है. हालांकि मामला सामने आते ही एसएसपी सुशील कुमार ने मामले में जांच का आदेश दे दिया है.
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