गर्भनिरोधक के नए साधनों को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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  • गर्भनिरोधक के नए साधन एमपीए सब-कुटेनियस इंजेक्शन
  • लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी 
सीतामढ़ी। जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई परिवार नियोजन कार्यक्रम का संचालन निष्पादित करते हुए समुदाय स्तर पर लोगों को परिवार नियोजन के विभिन्न सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराई जा रही है। परिवार नियोजन के अस्थायी साधनों को सरल और कारगर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बास्केट ऑफ च्वाइस का विस्तारीकरण करते हुए जिले के चिन्हित क्षेत्रों में एमपीए सब कुटेनियस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीतामढ़ी जिला अंतर्गत सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भूतही, स्वास्थ्य उपकेंद्र तिलगी एवं कोहवरवा को चिन्हित किया गया है। चिन्हित अस्पतालों एवं अन्य अस्पतालों के चिकित्सा पदाधिकारियों  (एमबीबीएस एवं आयुष) को परिवार नियोजन के नए अस्थायी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अस्पतालों के स्वास्थ्य पदाधिकारियों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशिक्षकों द्वारा एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। आयोजित प्रशिक्षण में चिकित्सा पदाधिकारियों को परिवार नियोजन के नए साधनों के लिए लाभार्थियों को जागरूक करते हुए इच्छुक लाभार्थियों को एमपीए सब-कुटेनियस सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नए गर्भनिरोधक सुविधाओं का जिला स्तर पर लोगों को लाभ उपलब्ध कराने के लिए पीएसआई इंडिया द्वारा समर्थन किया जा रहा है। जिला स्तर पर चिन्हित क्षेत्र के स्वास्थ्य पदाधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के दौरान सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, एसीएमओ डॉ जेड जावेद, डीआईओ मुकेश कुमार, डीपीएम आसित रंजन, डीपीसी दिनेश कुमार, मास्टर प्रशिक्षक डॉ प्रेरणा के साथ पीएसआई इंडिया के जिला प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह, अनुज मिश्रा, प्रिंस मिश्रा, प्रिये रंजन, एच एम अविनाश कुमार और चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षुकों को सिविल सर्जन, डीपीएम और मास्टर प्रशिक्षक द्वारा प्रमाणपत्र जारी करते हुए क्षेत्र में लाभार्थियों को स्वस्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का आवश्यक निर्देश दिया गया।
गर्भनिरोधक के नए साधन में लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी एमपीए सब-कुटेनियस इंजेक्शन:
मास्टर प्रशिक्षक डॉ प्रेरणा ने बताया कि गर्भनिरोधक का नया साधन पर महिलाओं का भरोसा बढ़ रहा है। करीब 14 महीने पहले आया यह साधन फिलहाल दो-दो जिले में ही उपलब्ध है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत एमपीए सब-कुटेनियस की सुविधा शेखपुरा एवं मुंगेर को चुना गया था। राज्य में वर्ष 2023 अगस्त से गर्भ निरोधक के रूप में लंबी अवधि के अस्थायी साधन में नया विकल्प लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कराया गया था। गर्भनिरोधक के नए साधन से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। एमपीए सबकुटेनियस लाभार्थियों को मांसपेशियों और स्किन के बीच में लगायी जाती है। इसमें दवाई पहले से लोडेड होता है। सूई देने और एक जगह से दूसरे जगह लाने-ले जाने में आसानी होती है। इसका लाभ उठाने पर लाभार्थियों को परिवार नियोजन को अस्थायी सुविधा का लाभ मिल सकेगा और लाभार्थी लंबे समय तक परिवार को नियंत्रित रख सकेंगे।
गर्भनिरोधक के लंबी अवधि के लिए अस्थायी साधन के रूप में लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा :
सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने कहा कि जनसंख्या स्थिरिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई कार्यक्रम चलाकर सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। परिवार नियोजन के अस्थायी साधन को सरल और कारगर बनाने के लिए सरकार द्वारा एमपीए सबकुटेनियस के बारे में भी महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। डी. पी. एम. आसित रंजन ने बताया की इसका इस्तेमाल करने वाली महिलाओं और प्रोत्साहित करने वाली आशा को 100-100 रुपया प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जाता है। पी. एस. आई.-इंडिया के जिला प्रतिनिधि विनय कुमार सिंह ने बताया कि परिवार नियोजन के बास्केट ऑफ च्वाइस में अंतरा इंजेक्शन के बाद एमपीए सबकुटेनियस जोड़ा गया है जो अन्य साधनों से काफी सरल, सुरक्षित और कारगर है। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत शेखपुरा और मुंगेर जिला में अगस्त 2023 से एमपीए सबकुटेनियस की सुविधा शुरू की गई है। वर्तमान समय तक दोनों जिलों में 05 हजार 829 लाभार्थियों द्वारा एमपीए सब-कुटेनियस इंजेक्शन सुविधा का लाभ उठाया गया है। एसीएमओ डॉ जेड जावेद ने कहा की इसका इस्तेमाल करने से महिलाएं तीन माह तक गर्भधारण की समस्या से मुक्त रह सकती है। महिलाएं जब तक चाहे प्रत्येक तीन माह पर इसका डोज ले सकती है। इसके लिए जिले के चिन्हित क्षेत्रों में एमपीए सबकुटेनियस सुविधा शुरू किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को परिवार नियोजन के लिए अतिरिक्त विकल्प के रूप में एमपीए सबकुटेनियस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपने परिवार को सुरक्षित और नियंत्रित रख सकते हैं। आशा एवं एएनएम सभी लाभार्थियों को पहला एएनसी के समय से हीं परिवार नियोजन के बारे में काउंसलिंग करना शुरू कर देना चाहिए और उनके पति और सास से भी बात इसके बारे में बात करें l
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