JSSC CGL की नियुक्तियां नहीं होंगी रद्द, हाईकोर्ट ने निरस्त किया राज्य सरकार का आदेश

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झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) 2024 को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद और अनिश्चितता के बाद झारखंड हाईकोर्ट से अभ्यर्थियों के लिए बहुत बड़ी और ऐतिहासिक राहत भरी खबर आई है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस विवादित फैसले और आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया है जिसके तहत जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द करने की बात कही गई थी। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल धांधली या पेपर लीक की आशंकाओं के आधार पर पूरी पारदर्शी चयन प्रक्रिया और हजारों सफल अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में नहीं लटकाया जा सकता। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों युवाओं का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है।

हाई कोर्ट ने क्यों रद्द किया सरकार का फैसला? मेरिट और निष्पक्षता पर कोर्ट की मुहर

झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की खंडपीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार का परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय न्यायसंगत नहीं था। अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में टिप्पणी की कि जिन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से परीक्षा पास की है, उन्हें बिना किसी ठोस सबूत या व्यापक गड़बड़ी के सजा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आयोग को सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि परीक्षा में कथित धांधली, अनियमितताओं और कथित पेपर लीक से जुड़े आरोपों की विभागीय और पुलिस जांच (SIT Probe) पहले की तरह जारी रहेगी।

धांधली के आरोपियों पर कसेगा शिकंजा, जांच जारी रहने के साथ दिए कड़े निर्देश

अदालत ने अपने आदेश में संतुलन बनाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि भ्रष्टाचार या अवैध तरीकों से परीक्षा पास करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा न जाए। हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा में हुई गड़बड़ियों, साठगांठ और अनियमितताओं की गहन जांच जारी रखें। यदि जांच के दौरान यह साबित होता है कि किसी विशिष्ट अभ्यर्थी ने अनुचित साधनों (Malpractices) का सहारा लिया है या धांधली में शामिल रहा है, तो उसकी नियुक्ति को तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त आपराधिक मामला दर्ज होगा। कोर्ट के इस संतुलित रुख ने एक तरफ जहां मेहनती परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा की है, वहीं दूसरी तरफ भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त रखा है।

हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर, जल्द शुरू होगी दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया

झारखंड हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत राज्य भर के परीक्षार्थियों, छात्र संगठनों और अभिभावकों ने किया है। लंबे समय से असमंजस और तनाव के माहौल में जी रहे अभ्यर्थियों के चेहरे पर इस फैसले से खुशी लौट आई है। जेएसएससी (JSSC) अब जल्द ही सफल उम्मीदवारों के लिए दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और अंतिम मेधा सूची (Final Merit List) जारी करने की प्रशासनिक तैयारियों में जुट गया है। राज्य में प्रशासनिक पदों पर होने वाली इस बड़ी भर्ती से विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को नई रफ्तार मिलेगी।

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