गया जी। अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार आज राजग गठबंधन गया जिला द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर बिना ठोस प्रमाण के सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन अपने आरोपों को प्रमाणित करना भी उसकी जिम्मेदारी है।
डॉ. कुमार ने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर प्रक्रिया सही और हार होने पर वोट चोरी का आरोप लगाना कांग्रेस की दोहरी राजनीतिक मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस को अपने इतिहास का भी आत्ममंथन करना चाहिए। वर्ष 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अमान्य घोषित किया जाना तथा आपातकाल का दौर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक आवश्यक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं तथा अन्य कारणों से हुई त्रुटियों का सत्यापन किया जाता है। निर्वाचन आयोग के प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार लगभग 13.27 करोड़ नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं, जबकि नए युवा मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़े गए हैं। विपक्ष द्वारा 19 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय बूथवार प्रमाण और आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के सत्यापन में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एवं संबंधित निर्वाचन अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से नहीं कटना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो उसके सुधार और पुनः नाम जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
डॉ. कुमार ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित सभी संवैधानिक पदाधिकारी कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य करते हैं। किसी अधिकारी या संवैधानिक संस्था पर राजनीतिक आरोप लगाना किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं हो सकता। यदि विपक्ष के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे उचित संवैधानिक एवं कानूनी मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि राजनीतिक आरोपों के साथ उनके समर्थन में उपलब्ध प्रमाणों और तथ्यों को जनता के सामने रखा जाए। भारत का लोकतंत्र मजबूत संवैधानिक संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका, निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और जागरूक मतदाताओं की बदौलत कायम है।
अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के विश्वास से सुनिश्चित होती है। प्रत्येक पात्र नागरिक का मत सुरक्षित रहना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस मौके पर प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधायक बीरेन्द्र सिंह,ज्योति मांझी,मनोरमा देवी,रोमित कुमार,दीपा मांझी,प्रदेश महामंत्री नितिन अभिषेक,प्रदेश मंत्री धनराज शर्मा,पूर्व सांसद चन्देश्वर प्रसाद चंद्रवंशी,हरि मांझी, जिला अध्यक्ष विजय मांझी,प्रेम प्रकाश चिंटू,दिलीप सिंह,टूटू खान, बंटी कुशवाहा,प्रेम सागर, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष रोनक सेठ,विक्की शर्मा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष शभु यादव, महिला मोर्चा पम्मी सिंह,पप्पू चंद्रवंशी,विकास कुमार,नीरज निश्चल ,सहित हजारों की संख्या में एनडीए कार्यकर्ता मौजूद रहे हैं।
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