- धनबाद सांसद के नाम, पद और राजनीतिक रसूख का फर्जी इस्तेमाल कर बुना ठगी का जाल
- सामूहिक विवाह और सामाजिक आयोजन के नाम पर कारोबारी को बनाया शिकार
- पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने जोड़ापोखर के भागा में की छापेमारी, मोबाइल लोकेशन के तकनीकी सुराग से आरोपी तक पहुंची पुलिस
धनबाद :झारखंड के धनबाद से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां धनबाद के सांसद का नाम, पद और राजनीतिक रसूख का फर्जी इस्तेमाल कर महाराष्ट्र के पुणे में एक कारोबारी से 12 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनबाद जिले के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत भागा इलाके में छापेमारी कर मुख्य आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने खुद को धनबाद का सांसद बताकर पुणे के शिवाजीनगर निवासी एक कारोबारी से संपर्क साधा था। उसने अपनी कथित राजनीतिक पहुंच और प्रभावशाली पहचान का हवाला देते हुए बड़े सामाजिक कार्यक्रमों एवं सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन का भरोसा दिलाया। इसी बहाने कारोबारी को अपने विश्वास में लेकर उससे अलग-अलग किस्तों में 12 लाख रुपये से अधिक की रकम हासिल कर ली। कुछ रिपोर्टों में नौकरी दिलाने का झांसा देने की बात भी सामने आई है। हालांकि, ठगी के पूरे तरीके और रकम के लेन-देन की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच का विषय है।
मोबाइल लोकेशन के सहारे धनबाद पहुंची पुणे क्राइम ब्रांच
कारोबारी की शिकायत पर पुणे पुलिस ने कांड संख्या 270/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुणे क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर राहुल कोलपे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को आरोपी के धनबाद में छिपे होने का सुराग मिला। इसके बाद पुणे क्राइम ब्रांच की टीम धनबाद पहुंची और स्थानीय जोड़ापोखर पुलिस के सहयोग से भागा इलाके में छापेमारी कर मुख्य आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात भी आई कि आरोपी कथित तौर पर बातचीत के लिए अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग लोगों के मोबाइल फोन का सहारा लेता था। इसी क्रम में एक किशोरी के मोबाइल फोन से मिले तकनीकी सुराग ने पुलिस को आरोपी के ठिकाने तक पहुंचने में मदद की। छापेमारी के दौरान एक किशोरी समेत चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि, पूछताछ के बाद तीन लोगों को छोड़ दिया गया। उनकी संलिप्तता को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
मंगलवार को न्यायालय में पेशी, पुणे ले जाने की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को आरोपी बबलू को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। पुणे क्राइम ब्रांच उसे रिमांड पर लेकर महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी में है, ताकि ठगी के पूरे घटनाक्रम, रकम के लेन-देन और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सांसद के नाम और राजनीतिक रसूख का फर्जी इस्तेमाल कर अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि ठगी की रकम 12 लाख रुपये से अधिक तो नहीं है और इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
सांसद की पहचान का दुरुपयोग, कार्यालय की संलिप्तता का संकेत नहीं
इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार धनबाद सांसद के नाम और पद का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी पहचान बनाकर कारोबारी को प्रभावित करने के लिए किया गया। फिलहाल सांसद कार्यालय की किसी वास्तविक भूमिका या संलिप्तता की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में मामला सांसद की पहचान और राजनीतिक प्रतिष्ठा के कथित दुरुपयोग से जुड़ा प्रतीत होता है।
पुणे क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने एक बार फिर फर्जी राजनीतिक पहचान और प्रभावशाली लोगों के नाम पर होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी के खतरे को उजागर किया है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपी ने इस तरीके से कितने लोगों को ठगा और उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
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