राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी ‘इंडिया’ ब्लॉक (INDIA Alliance) के विशाल प्रदर्शन और महाआंदोलन के दौरान विरोध के ऐसे-ऐसे अनोखे और चौंकाने वाले रंग देखने को मिले, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश में कथित तौर पर लोकतंत्र की हत्या, चुनावी धांधली, मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी और केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों को लेकर संसद भवन से लेकर जंतर-मंतर तक हजारों की तादाद में नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। इस विरोध प्रदर्शन में विरोध जताने के लिए कार्यकर्ताओं ने इतने रचनात्मक, अनोखे और आक्रामक प्रतीक अपनाए कि वहां मौजूद हर कोई देखकर हैरान रह गया। कहीं प्रदर्शनकारी कटे हुए उंगलियों के प्रतीकों की माला पहने दिखे, तो कहीं खुद को भारी लोहे की बेड़ियों में जकड़कर तानाशाही का विरोध दर्ज कराया गया।
कटे हुए उंगलियों की माला और बेड़ियों की जकड़न: विरोध के अनोखे प्रतीकात्मक रंग
इस विशाल प्रदर्शन का सबसे डरावना और ध्यान खींचने वाला दृश्य तब देखने को मिला जब कई प्रदर्शनकारी अपने गलों में फर्जी कटी हुई उंगलियों और स्याही लगे प्रतीकों की डरावनी मालाएं पहनकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं का यह अनोखा विरोध संदेश यह दर्शाने के लिए था कि आम नागरिक की वोट देने की ताकत और उसकी उंगली पर लगने वाली चुनावी स्याही के अधिकार को छीना जा रहा है। इसके साथ ही, कई कार्यकर्ता अपने पूरे शरीर को भारी-भरकम लोहे की जंजीरों और बेड़ियों से जकड़कर सड़कों पर घिसटते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए। उनका यह प्रतीकात्मक रूप देश में आम जनता की घटती आजादी, लोकतंत्र की बेड़ियों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की लगातार हो रही सख्त कार्रवाई के खिलाफ एक तीखा विरोध प्रदर्शन था।
1 किलोमीटर लंबी वोटर लिस्ट लेकर पहुंचे कार्यकर्ता, वोटिंग धांधली के लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन का एक और मुख्य आकर्षण रहा लगभग 1 किलोमीटर लंबी विशालकाय वोटर लिस्ट (Voter List), जिसे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में थाम रखा था। इस विशाल बैनर-रूपी वोटर लिस्ट में कथित रूप से उन लाखों योग्य मतदाताओं के नाम दर्ज थे, जिनके नाम चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों से काट दिए गए हैं। ‘इंडी’ गठबंधन के प्रमुख घटक दलों के नेताओं ने मंच से आरोप लगाया कि योजनाबद्ध तरीके से खास वर्गों और विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से गायब किए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने इस 1 किलोमीटर लंबी लिस्ट को पूरी सड़क पर बिछाकर जोरदार नारेबाजी की और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली के लिए चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।
जंतर-मंतर से संसद भवन तक गूंजे तीखे नारे, पुलिस से हुई तीखी झड़पें
दिल्ली के संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बावजूद विपक्षी कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। मुख्य मंच पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, और वामपंथी दलों के वरिष्ठ नेता एक साथ हाथ मिलाए खड़े नजर आए। कार्यकर्ताओं का हुजूम जब जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगा, तो दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए कई स्तर के बैरिकेड्स पर पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें और धक्का-मुक्की भी हुई। बैरिकेड्स पर चढ़कर झंडे लहराते युवाओं और नारों से पूरी दिल्ली गूंज उठी, जिससे कुछ घंटों के लिए लुटियंस दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बन गई।
विपक्षी एकजुटता का बड़ा शक्ति प्रदर्शन और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
यह विशाल प्रदर्शन न केवल सरकार की नीतियों के खिलाफ एक कड़ा विरोध था, बल्कि आगामी चुनावों से पहले ‘इंडिया’ गठबंधन का एक अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन (Show of Strength) भी साबित हुआ। मंच से बोलते हुए शीर्ष विपक्षी नेताओं ने कहा कि चाहे कितनी भी रुकावटें आएं या दमनकारी नीतियां अपनाई जाएं, देश के संविधान और आम आदमी के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। उंगलियों की माला, लोहे की जंजीरें और 1 किलोमीटर लंबी वोटर लिस्ट जैसे अनोखे प्रतीकों ने इस प्रदर्शन को भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे यादगार और प्रभावी जन-आंदोलनों में से एक बना दिया है।
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