देश की चुनावी व्यवस्था और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर (SIR) से जुड़े मामलों को लेकर अब विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक संगठन भी सड़क पर उतरने लगे हैं। इसी कड़ी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देगी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक सीजेपी का यह विरोध प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है।
‘2025 की एसआईआर सूची को किया जाए फ्रीज, 13 करोड़ मतदाताओं के नाम पर उठे सवाल’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि साल 2025 की एसआईआर (SIR) सूची को तुरंत प्रभाव से फ्रीज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश भर में जिन लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन सभी को न्याय दिलाने के लिए पार्टी सड़कों पर उतरेगी और बड़े पैमाने पर जनता को साथ लेकर आंदोलन करेगी।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे। सीजेपी का कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह लड़ाई लड़ना बेहद जरूरी हो गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी की तीन प्रमुख मांगें
अभिजीत दीपके ने मीडिया के सामने पार्टी की तीन मुख्य मांगें रखीं, जिन पर सरकार और चुनाव आयोग को तुरंत विचार करना चाहिए:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और उनके खिलाफ आपराधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो, जिसमें सिविल सोसायटी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
- एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए, साल 2025 की मूल वोटर लिस्ट का उपयोग करके आगामी चुनाव कराए जाएं और एक स्वतंत्र संस्था द्वारा नए मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन किया जाए।
मुंबई में आंदोलन का ऐलान, पुलिस की अनुमति पर असमंजस
सीजेपी ने घोषणा की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 के बाहर लोग एकजुट होंगे और इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की जाएगी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए आजाद मैदान में इस आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद पार्टी के अगले कदमों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ भी सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस पार्टी के तेवरों की काफी चर्चा रही थी। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग और प्रशासन इस नए विरोध प्रदर्शन से किस प्रकार निपटता है।
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