जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF जवान ने साथियों पर की फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 जवानों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार (29 सितंबर) शाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कर्मी ने अपने साथियों पर कथित तौर पर गोली चला दी। इस फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत सीआईएसएफ के चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाम करीब साढ़े सात बजे हिमाचल प्रदेश की सीमा के निकट बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी हेड कांस्टेबल अभिदेश कुमार ने कुछ सहकर्मियों के साथ बहस के बाद अपनी सर्विस राइफल से कथित तौर पर गोलीबारी कर दी। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में सीआईएसएफ के चार कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में नजदीकी एनएचपीसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और कांस्टेबल रफीक अहमद तथा संदीप कुमार के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि गोलीबारी के बाद आरोपी को उसके सहकर्मियों ने काबू कर लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के तहत घटना में इस्तेमाल की गई सर्विस राइफल भी जब्त कर ली गई है। अधिकारियों ने कहा कि सीआईएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि बहस और उसके बाद गोलीबारी की वजह बनी परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

जवानों के बीच हुआ था विवाद

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, घटना से पहले सेवा-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में जवानों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर हेड कांस्टेबल ने फायरिंग शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए CISF की ओर से आंतरिक जांच शुरू की जा रही है। जांच में गोलीबारी की वजह, जवानों के बीच हुए विवाद और घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जाएगी। फिलहाल पुलिस और CISF की ओर से घटना से जुड़े अन्य डिटेल्स की जांच की जा रही है।

मुठभेड़ में LeT का मोस्ट-वॉन्टेड आतंकवादी मारा गया

इस बीच, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक सबसे वांछित आतंकवादी मंगलवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले इलाके में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ मुठभेड़ में मारा गया। कश्मीर स्थित चिनार कोर ने मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया। लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ मूसा के रूप में की। सेना ने x पर पोस्ट किया कि उसने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग के सामान्य क्षेत्र में अभियान शुरू किया था।

सेना ने कहा, “सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया।” अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इस दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में हुई मुठभेड़ में मूसा मारा गया।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित मूसा इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था। अधिकारियों के अनुसार, उसका करीबी सहयोगी यासिर पांच सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

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