- उन्मूलन के इस महत्वपूर्ण दौर में सर्विलांस पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत
- विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रतिनिधि माधुरी देवराजू ने तकनीकी पहलुओं और जांच परिणामों पर दिया विशेष जोर
समस्तीपुर। पोलियो उन्मूलन की ऐतिहासिक सफलता की तर्ज पर अब जिले से कालाजार को भी पूरी तरह खत्म किया जाएगा। जिले में स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में काम कर रहा है और वर्तमान में यह अभियान अपने अंतिम चरण यानी एलिमिनेशन के दौर में है। इस दौर में सबसे ज्यादा सतर्कता और मजबूत सर्विलांस की आवश्यकता है, ताकि कहीं भी संक्रमण की मामूली गुंजाइश भी न बचे। ये बातें सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित समीक्षा सह उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।
कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन:
सभागार में आयोजित “डिस्ट्रिक्ट लेवल ओरिएंटेशन कम रिव्यू मीटिंग ऑन कालाजार एलिमिनेशन प्रोग्राम” के दौरान जिले में चलाए जा रहे अभियानों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रतिनिधि माधुरी देवराजू विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने स्क्रीन प्रेजेंटेशन के माध्यम से जांच के तरीकों, जांच परिणामों के सही आकलन और फील्ड स्तर पर एक्टिव सर्विलांस के तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर संदिग्ध मरीज की समय पर पहचान और त्वरित उपचार ही उन्मूलन की अंतिम कड़ी को मजबूत बनाएगा।
फील्ड स्तर पर निगरानी और छिड़काव कार्यों में तेजी लाने का निर्देश:
सिविल सर्जन ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के जरिए घर-घर निगरानी तंत्र को और सक्रिय किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक छिड़काव की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और बुखार के लंबे मामलों की अनिवार्य जांच कराने पर बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्मूलन के इस नाजुक दौर में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले को जल्द कालाजार मुक्त बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
23