सीफार के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन पर मीडिया कार्यशाला

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  • आशा, जीविका दीदी तथा मुखिया दवा सेवन के लिए करें लोगों को प्रेरित: सीएस
  • दवा सेवन कराने के लिए 391 टीम बनायी गयी, प्रत्येक टीम में दो आशा रहेंगी
अरवल : जिला में फाइलेरियारोधी दवा सेवन कराने में सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. आशा अपने क्षेत्र में जीविका दीदी तथा पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करेंगी तथा घर—घर जाकर दवा का सेवन करायेंगी. 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान प्रारंभ होगा. इस अभियान में अल्बेंडाजोल, डीईसी तथा आइवरमेक्टिन दवा का सेवन आशा अपने सामने करायेंगी. तीन दिन स्कूलों पर बूथ लगाकर बच्चों को आयु और लंबाई के अनुसार दवा का सेवन कराया जायेगा. सर्वजन दवा सेवन के लिए 391 टीम बनायी गयी है. प्रत्येक टीम में दो आशा रहेंगी.
यह बातें सिविल सर्जन डॉ राय कमलेश्वरनाथ सहाय ने  सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से आयोजित मीडिया वर्कशॉप के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कहामीडिया से बातचीत के दौरान कही. मीडिया वर्कशॉप में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ ​बैजनाथ, पीरामल डीपीओ चंदन कुमार, पीसीआई से धीरज सिंह, सीफार स्टेट कॉर्डिनेटर सहित विभिन्न मीडिया हाउसों के प्रतिनिधि शामिल थे.
डॉ बैजनाथ ने बताया कि हाथीपांव रोग गंभीर होता है और इससे बचाव के लिए सभी लोगों को दवा सेवन करना है. दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को फाइलेरियारोधी दवा नहीं खिलायी जानी है.  जिला एवं प्रखंड स्तर आमजन तथा जनप्रतिनिधियों के ​बीच फाइलेरियारोधी दवा सेवन को लेकर जागरूकता लाने का काम किया गया है. ​डीपीएम सलीम जावेद ने बताया कि अभियान के पहले तीन दिन स्कूलों में बूथ लगाकर कर बच्चों, शिक्षकों सहित अन्य स्टाफ को दवा का सेवन कराना है और अंगुली पर निशान लगाना है. बा​की के 14 दिन तक आशा घर—घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा अपने सामने ही खिलायेंगी. यह पूरा अभियान 17 दिनों का होगा. दवा सेवन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं है. दवा सेवन से कभी कभी शरीर प्रतिक्रिया करता है. इसका कारण शरीर में माइक्रो फाइलेरिया परजीवी की मौजूदगी है. इसलिए दवा सेवन के बार किसी एडवर्स असर से घबराना नहीं है. इसकी जानकारी आशा को देनी है.
पीसीआईी कर रही सोशल मोबिलाजेशन कार्य: 
पीसीआई के जिला मोबिलाजेशन कॉर्डिनेडर धीरज सिंह ने बताया कि पीसीआई द्वारा सोशल मोबिलाजेशन का काम किया जा रहा है. नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज दिवस अन्य दिनों में स्कूलों के छात्र—छात्राओं के साथ फाइलेरिया रोग तथा दवा सेवन के प्रति जागरूकता के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता करायी गयी है. इसके अलावा पंचायती राज जनप्रतिनि​धियों का उन्मुखीकरण किया रहा है. एसएमसी शशि कपूर ने बताया कि पीसीआई द्वारा सभी सरकारी स्कूलों, पंचायती राज प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण किया गया है. जीविका की हेल्थ एंड न्यूट्रिशन मैनेजर संगीता कुंज ने बताया कि सभी जीविका दीदी को कहा गया है कि फाइलेरियारोधी दवा में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर स्वयं दवा का सेवन करेंगी तथा अपने आसपास के लोगों को दवा सेवन कराने के लिए प्रेरित करेंगी.
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