बॉलीवुड के मशहूर एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बहुत बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। जुहू इलाके में अभिनेता की गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने और सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाले कुख्यात गैंगस्टर अनिल पंडित को मुंबई पुलिस ने अदालत में औपचारिक रूप से ‘वांछित’ (वॉन्टेड) आरोपी घोषित कर दिया है। लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से ताल्लुक रखने वाला गैंगस्टर अनिल पंडित कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में बैठकर अपने इस आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहा है। मामले की तहकीकात को आगे बढ़ाते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय हथियारों की तस्करी और साजिश में शामिल चार नए आरोपियों को गिरफ्तार कर एस्प्लेनेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने चारों को 26 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा व्यवस्था और अंडरवर्ल्ड के नए विदेशी मॉड्यूल को लेकर सुरक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिका से रची गई पूरी साजिश: अनिल पंडित ने इंटरनेट मीडिया पर ली थी टाइगर पर हमले की जिम्मेदारी
मुंबई क्राइम ब्रांच ने अदालत के समक्ष विस्तृत खुलासा करते हुए बताया कि 18 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर किया गया जानलेवा हमला कोई स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि विदेशों में बैठे गैंगस्टर्स द्वारा सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। अमेरिका में पनाह लिए बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित ने वारदात के तुरंत बाद इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट साझा कर खुलेआम इस गोलीबारी का जिम्मा लिया था। पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अनिल पंडित कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का एक बेहद सक्रिय और खतरनाक सदस्य है, जो विदेशी धरती से भारतीय महानगरों में शूटरों को टारगेट, हथियार और वित्तीय मदद मुहैया कराने का काम करता है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पंडित के सीधे निर्देशों पर ही स्थानीय स्तर पर रेकी की गई और शूटरों को सटीक लोकेशन देकर हमले का आदेश दिया गया था। विदेशी जांच एजेंसियों और इंटरपोल के जरिए पंडित के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हरियाणा और यूपी से जुड़े तार: अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई पहुंचाने वाली 2 महिलाओं समेत 4 दबोचे गए
जांच एजेंसियों ने इस साजिश में शामिल एक जटिल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बेनकाब किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी कुणाल और सुमित के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की रहने वाली दो महिलाओं—राधा और बबीता को गिरफ्तार किया है। अदालत में पुलिस ने स्पष्ट किया कि इन चारों की भूमिका महज मददगार की नहीं, बल्कि शूटरों तक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने की थी। पूछताछ में सामने आया कि कुणाल और सुमित ने अनिल पंडित के इशारे पर पंजाब के अमृतसर जाकर एक अवैध पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस हासिल किए थे। इसके बाद हथियारों को कानून की नजरों से छिपाने के लिए महिला आरोपियों राधा और बबीता का इस्तेमाल किया गया। ये दोनों महिलाएं हथियार लेकर ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचीं और उन्होंने इस खेप को वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों के हाथों में सौंपा।
जुहू में हुआ था खौफनाक हमला: चालक समेत 2 घायल, अब तक 10 आरोपी सलाखों के पीछे
यह सनसनीखेज वारदात रविवार शाम मुंबई के पॉश इलाके जुहू में घटी थी, जब दो अज्ञात हमलावरों ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर अभिनेता टाइगर श्रॉफ की चलती कार पर अचानक गोलियां चला दी थीं और मौके से फरार हो गए थे। उस वक्त गनीमत रही कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ पूरी तरह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी के ड्राइवर और एक अन्य साथी को गोली के छर्रे लगने से चोटें आईं, जिनका अस्पताल में इलाज कराया गया। मुंबई पुलिस ने जुहू थाने में भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, बिहार के बेगूसराय के मूल निवासी व मुंबई में रहने वाले रितिक कुर्मी उर्फ रोशन और हरियाणा निवासी फूल सिंह को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा था।
हमले से पहले हुआ था हथियारों का ट्रायल: अंधेरी के होटल में बिस्तर पर लगी थी गलती से चली गोली
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपियों ने हमले की तैयारियों को लेकर कई चौंकाने वाले राज उगले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले हमलावरों ने मुंबई के पास एक सुनसान इलाके में ले जाकर हथियारों की जांच की थी और फायरिंग का कड़ा अभ्यास किया था ताकि मौके पर पिस्टल लॉक न हो। इतना ही नहीं, यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अंधेरी स्थित एक होटल के कमरे में भी अवैध पिस्तौल को लोड कर उसका परीक्षण किया था। होटल के कमरे में परीक्षण के दौरान आरोपियों से गलती से एक राउंड गोली चल गई थी, जो सीधे कमरे के गद्दे और बिस्तर में जा धंसी थी। इस घटना से घबराए आरोपी तुरंत होटल छोड़कर भाग निकले थे। मुंबई पुलिस की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक टीम अब उस कथित अभ्यास स्थल और अंधेरी के होटल के कमरे से साक्ष्य, खोखे और सीसीटीवी फुटेज जुटा रही है ताकि अदालत में एक पुख्ता और अकाट्य चार्जशीट दाखिल की जा सके।
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