- प्रखंड स्तर पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की पहल, ब्लड स्टोरेज की बारीकियों से होंगे अवगत
सीतामढ़ी। राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निर्देशानुसार सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव के नेतृत्व में सीतामढ़ी सदर अस्पताल में 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रयोगशाला प्रावैधिकियों (लैब टेक्नीशियन) का तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित रक्त भंडारण (ब्लड स्टोरेज) की तकनीकी प्रक्रियाओं में दक्ष बनाना है।
आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त की उपलब्धता बचाएगी मरीजों की जान:
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सिविल सर्जन डॉ. आर. के. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और प्रखंड स्तर पर आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंभीर दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में समय पर रक्त मिलना जीवन रक्षा के लिए निर्णायक होता है। ऐसे में सीएचसी स्तर पर ब्लड स्टोरेज का सुरक्षित प्रबंधन और मानकों का सही अनुपालन अनिवार्य है। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्यकर्मी भंडारण की बारीकियों और निर्धारित प्रोटोकॉल से पूरी तरह लैस होंगे।
गर्भवती महिलाओं व गंभीर मरीजों को प्रखंड स्तर पर ही मिलेगी त्वरित राहत:
इस व्यवस्था के प्रभावी होने से जिले के दूर-दराज क्षेत्रों के मरीजों को रक्त के लिए जिला मुख्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विशेष रूप से प्रसव संबंधी जटिलताओं, अत्यधिक रक्तस्राव से जूझ रहीं गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से घायल मरीजों को समयबद्ध रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और रेफरल मामलों के दबाव को घटाने में बड़ी मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार, सुरसंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम किशोर सिंह, डीपीएम विजय झा, पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक प्रभाकर कुमार, कार्यक्रम लीड रोहित कुमार तथा जिला स्वास्थ्य समिति के प्रियरंजन और संजय कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। विभाग की यह पहल जिले में सुलभ और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन सेवाओं के विस्तार में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
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