- गांधी चौक पर गांधी का अपमान? गांधी जी की प्रतिमा पड़ी मिली शौचालय में!
- गांधी चौक के सुंदरीकरण में राष्ट्रपिता की प्रतिमा पहुंची शौचालय में
- सुंदरीकरण के दौरान राष्ट्रपिता की प्रतिमा को शौचालय में रखे जाने से मचा हड़कंप, सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद हटाई गई प्रतिमा
रामगढ़: शहर के रामगढ़ थाना के समीप स्थित गांधी चौक के सुंदरीकरण कार्य के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने शहरवासियों को हैरान और आहत कर दिया। जिस गांधी चौक के नाम में ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम जुड़ा है, उसी चौक पर स्थापित महात्मा गांधी की बड़ी प्रतिमा को कथित तौर पर सुंदरीकरण कार्य के दौरान उठाकर बगल के शौचालय में रख दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रतिमा कई दिनों तक शौचालय परिसर में ही पड़ी रही।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिमा की तस्वीरें और इससे जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल होने लगीं। इसके बाद प्रशासनिक एवं संबंधित स्तर पर हलचल शुरू हुई और जानकारी के अनुसार गांधी जी की प्रतिमा को शौचालय से हटाकर दूसरी जगह ले जाया गया है।
सुंदरीकरण के बीच सामने आया ‘शर्मनाक’ दृश्य
गांधी चौक का सुंदरीकरण शहर की खूबसूरती और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेकिन इसी काम के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा को जिस तरीके से रखा गया, उसे लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण या सुंदरीकरण कार्य के दौरान किसी प्रतिमा को हटाने की जरूरत हो तो उसे सम्मानजनक और सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को शौचालय में रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल, तब जागा जिम्मेदारों का ध्यान
बताया जा रहा है कि प्रतिमा कई दिनों तक शौचालय में पड़ी रही, लेकिन इस ओर किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं गया। जब तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और लोगों ने इस पर सवाल उठाना शुरू किया, तब जाकर प्रतिमा को वहां से हटाया गया।
घटना को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का सवाल है कि यदि सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल नहीं होतीं, तो क्या गांधी जी की प्रतिमा को इसी तरह शौचालय परिसर में पड़ा रहने दिया जाता?
प्रतिमा हटाने के दौरान क्यों नहीं बरती गई सावधानी?
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सुंदरीकरण का कार्य निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर महापुरुषों की प्रतिमाओं के सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए।
लोगों ने यह भी मांग की है कि प्रशासन पूरे मामले की जानकारी ले और यह स्पष्ट करे कि गांधी जी की प्रतिमा को शौचालय में किसके निर्देश पर और किन परिस्थितियों में रखा गया था। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए।
गांधी चौक के नाम से जुड़ी है शहर की पहचान
रामगढ़ शहर का गांधी चौक लंबे समय से शहर के प्रमुख स्थलों में शामिल है। ऐसे में यहां स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्मृति और सम्मान का प्रतीक है। यही वजह है कि प्रतिमा के शौचालय में रखे जाने की तस्वीर सामने आने के बाद लोगों की नाराजगी स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।
सुंदरीकरण के बीच सामने आई इस घटना ने अब पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थिति स्पष्ट करेंगे और भविष्य में किसी भी महापुरुष की प्रतिमा के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देंगे।
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