पटना : देश को बिजली उपलब्ध कराने वाले राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के बिहार और पश्चिम बंगाल स्थित पूर्वी क्षेत्र-1 के विद्युत संयंत्रों के आसपास शिक्षा की ऐसी मजबूत आधारशिला तैयार हो रही है, जहां ग्रामीण और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के हजारों बच्चों को उत्तम शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
एनटीपीसी के पूर्वी क्षेत्र-1 के बाढ़, नबीनगर, कहलगांव, कांटी, फरक्का और बीआरबीसीएल के आवासीय परिसरों में स्थित विद्यालयों में 9,429 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें करीब 8,000 विद्यार्थी, यानी 85 प्रतिशत से अधिक, परियोजना प्रभावित गांवों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षकों और सुविधाओं के साथ अनुशासित शैक्षणिक वातावरण मिलता है।
ग्रामीण परिवारों के बच्चों के लिए यह अवसर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़े शहरों के प्रतिष्ठित विद्यालयों तक उनकी पहुंच हमेशा आसान नहीं होती। एनटीपीसी के विद्यालयों में उन्हें अपने आसपास ही ऐसा माहौल मिल रहा है, जहां वे अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे विकसित करने के साथ उच्च शिक्षा तथा विभिन्न व्यवसायों की संभावनाओं से परिचित हो रहे हैं।
इन विद्यालयों में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित नहीं है। एनटीपीसी के अधिकारी, अभियंता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ समय-समय पर विद्यार्थियों से संवाद करते हैं तथा अपने अनुभव साझा करते हैं।
पटना साइंस कॉलेज और पटना विश्वविद्यालय में गणित विभाग के अध्यक्ष रह चुके शिक्षाविद् डॉ. (प्रो.) रविंद्र नाथ पांडेय के अनुसार, अधिकारियों और अभियंताओं से संवाद विद्यार्थियों को कठिन विषयों को सरलता से समझने और शिक्षा एवं रोजगार के विभिन्न अवसरों को जानने में मदद करता है।
विद्यालयों के विद्यार्थियों की उपलब्धियां भी इस वातावरण की तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। कहलगांव स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट विद्यालय की छात्रा अपूर्वा प्रणय ने वर्ष 2026 में संयुक्त प्रवेश परीक्षा उन्नत उत्तीर्ण कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश पाया। इसी वर्ष आयुष राज और अमृत कुमार ने राष्ट्रीय अंतर-विद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में सफलता हासिल की।
फरक्का के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2021 में सग्निक चक्रवर्ती ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा उन्नत उत्तीर्ण की और वर्तमान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई से परास्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2022 में आदित्य कश्यप ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा उन्नत उत्तीर्ण कर राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान में रासायनिक अभियंत्रण में प्रवेश लिया। अंकुश दत्ता ने भी इसी वर्ष संयुक्त प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2023 में आशिफा अख्तर खातून और तिलोत्तमा सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि वर्ष 2025 में रिक साहा ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा उन्नत में सफलता प्राप्त की।
ग्रामीण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने में एनटीपीसी की उत्कर्ष छात्रवृत्ति योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पूर्वी क्षेत्र-1 में प्रत्येक वर्ष सरकारी विद्यालयों के 400 से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। प्रत्येक विद्यार्थी को तीन हजार रुपये की वार्षिक सहायता मिलती है।
ग्रामीण बालिकाओं के लिए एनटीपीसी की बालिका सशक्तीकरण योजना भी संचालित है। वर्ष 2018 में शुरू इस योजना के तहत पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, आत्मरक्षा, योग, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जाता है। एनटीपीसी के अनुसार, वर्ष 2026 तक 17 राज्यों की 15 हजार से अधिक बालिकाएं इससे लाभान्वित हो चुकी हैं। पूर्वी क्षेत्र-1 में वर्ष 2026 में सात परियोजना परिसरों में आयोजित सात ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं में 560 बालिकाओं ने हिस्सा लिया।
इनमें से प्रत्येक परियोजना से करीब 10 प्रतिशत मेधावी बालिकाओं का चयन कर उन्हें एनटीपीसी के आवासीय परिसर स्थित विद्यालयों में कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा का अवसर दिया जाता है। उनकी शिक्षा से संबंधित खर्च एनटीपीसी वहन करता है।
दरअसल एनटीपीसी के विद्युत संयंत्रों की रोशनी जहां घरों और शहरों को उजाला देती है, वहीं इन विद्यालयों की शिक्षा ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई दिशा दे रही है। इससे उनके परिवारों और गांवों के विकास की नई संभावनाएं भी बन रही हैं।
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