जिले के सदर पीएचसी से हुई कालाजार दवा छिड़काव अभियान की शुरुआत

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  • आसपास स्वच्छता जरूरी, बालू मक्खी के काटने से फैलता है कालाजार: डॉ एस सी शर्मा
  • सोते समय मच्छड़ दानी अवश्य लगाए
मोतिहारी। कालाजार से प्रभावित जिले के विभिन्न प्रखंडों व गांवों में कालाजार उन्मूलन के लिए सिंथेटिक पायरोथायराइड कीटनाशक का छिडकाव मोतिहारी के सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से डीभीबीडीसीओ डॉ शरत चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में आरंभ किया गया। इस संबंध में डॉ शर्मा ने बताया कि अगले 60 दिनों तक कालाजार से बचाव को दल एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दवा का छिड़काव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीडीसीओ के द्वारा छिडकाव की निगरानी की जाएगी।
मौके पर उपस्थित डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन ने कहा कि कालाजार से बचाव को छिड़काव बहुत जरूरी है। क्षेत्रों में लोगों को दवा छिड़काव कराने के साथ स्वच्छता के महत्व को समझाया जा रहा है।
बालू मक्खी के काटने से कालाजार:
डॉ शर्मा ने कहा कि लोगों को कालाजार से बचाव की जानकारी देकर उन्हें घरों व आसपास के क्षेत्रों में दवा  छिड़काव कराने के लिए समझाया जा रहा है। साथ ही लोगों को बताया जा रहा है कि सभी घरों में छिड़काव जरूरी है, बालू मक्खी के काटने से कालाजार की बीमारी होती है। इस लिए सोते समय मच्छरदानी का हमेशा प्रयोग करें। पानी जमा हुए स्थानों पर, कालाजार को फ़ैलाने वाले बालू मक्खी को रोकने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव बेहद जरूरी होता है। कालाजार रोग को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार काफी गम्भीर है। इसके उन्मूलन के लिये सभी को आस पड़ोस के वातावरण को साफ सुथरा रखने, घरों  की साफ  सफ़ाई करने एवं मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।
संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा 7100 रुपये की श्रम- क्षतिपूर्ति राशि दी जाती है:
डॉ शर्मा ने बताया कि यह रोग संक्रमित बालू मक्खी के काटने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है। दो सप्ताह से अधिक बुखार व अन्य विपरीत लक्षण शरीर में महसूस होने पर अविलंब जांच कराना चाहिए। डीभीडीसीओ ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा से बुखार हो, उसकी तिल्ली और जिगर बढ़ गया हो और उपचार से ठीक न हो तो उसे कालाजार हो सकता है। जांच व ईलाज सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है। वहीं कालाजार मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज के साथ संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा 7100 रुपये की श्रम- क्षतिपूर्ति राशि भी दी जाती है। भारत सरकार के द्वारा 500 एवं राज्य सरकार की ओर से 6600 सौ रुपये दी जाती है। वहीं पोस्ट कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस (पीकेडीएल) कालाजार से पीड़ित मरीज को राज्य सरकार द्वारा 4000 रुपये की सहायता राशि श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाती है।
छिड़काव के वक्त ध्यान में रखने वाली बातें:
– घर की दीवारों में पड़ी दरारों को भर दें
– अच्छी तरह से घर की सफाई करें। खाने-पीने का सामान, बर्तन, दीवारों पर टंगे कैलेंडर आदि को बाहर निकाल दें।
– भारी सामानों को कमरे के मध्य भाग में एकत्रित कर दें और उसे ढक दें।
–  रसोईघर, गौशाला सहित पूरे घर में पूरी दीवार पर दवा का छिड़काव कराएं।
मौके पर सदर स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधक सन्ध्या कुमारी, विनोद राम, सोनू कुमार व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
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