टीबी मरीजों की जांच और इलाज में सहयोग व लोगों क़ो जागरूक करते है सूर्य नारायण

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  • जिला यक्ष्मा केंद्र में डीपीसी पद पर हैं कार्यरत, टीबी मरीजों को देते हैं पोषण संबंधी सहायता 
  • टीबी के मरीजों को इलाज के दौरान हर माह 1000 रुपए उनके खाते में भेजे जाते हैं 
बेतिया। जिला यक्ष्मा कार्यालय में डीपीसी पद पर 7 वर्षों से कार्यरत सूर्य नारायण साह टीबी मरीजों के सहयोग में मानवता का फर्ज निभा रहे हैं। उन्होंने निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीज क़ो गोद लेकर उसे निर्धारित मानक के अनुरूप 6 माह तक पोषण पोटली देकर मदद की। जिला यक्ष्मा केंद्र आए मरीजों क़ो टीबी जाँच, इलाज और दवाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें खाने के तरीके बताते हैं तथा सरकार से आर्थिक लाभ दिलवाने में अग्रिम भूमिका निभाते हैं।
सूर्य नारायण साह ने बताया कि वे आम लोगों से भी निक्षय मित्र बनकर पोषण संबंधी मदद करने का आग्रह करते हैं। टीबी के कारण रोगी का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है। इससे सुरक्षित रहने के लिए दवा सेवन के साथ ही संतुलित आहार का सेवन जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि ज़ब भी मौका मिलता है, ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित लक्षण वाले लोगों क़ो बताता हूँ कि अगर दो हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी, बलगम के साथ बुखार जैसे लक्षण हैं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला टीबी अस्पताल जाएँ। वहाँ निःशुल्क जाँच, इलाज के साथ मुफ्त दवाएं दी जाती हैं। उसका सेवन करें। दवाओं के पूरा सेवन कर ही टीबी के गंभीर खतरों से बचा जा सकता है। सूर्य नारायण साह ने बताया कि अब सरकार ने बहुत ही बढ़िया पहल की है। अब टीबी के मरीजों को इलाज के दौरान हर माह 1000 रुपए उनके खाते में भेजी जाती है। ताकि वे दवाओं के साथ पौष्टिक आहार का सेवन कर सकें।
टीबी रोगियों की पहचान में हो रही है आसानी:
टीबी संक्रमित रोगियों की पहचान के लिए मरीजों के सम्पर्क में रहने वाले लोगों को सीवाई इंजेक्शन दी जा रही है ताकि यह पहचान हो सके कि उनके अंदर टीबी का बैक्टीरिया है या नहीं। उन्होंने बताया कि अगर इंजेक्शन लेने वाले व्यक्ति में टीबी रोग पाई जाती है तो उन्हें टीबी की दवा खिलाई जाएगी। सम्पर्क में रहने वाले लोगों को टीपीटी दवा चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान के अन्तर्गत तीव्र गति से जिले में टीबी मरीजों की खोज की जा रही है।
संतुलित आहार का सेवन करें व संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें:
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ।रमेश चंद्रा ने बताया कि भोजन में प्रोटीन तथा विटामिन से भरपूर भोज्य पदार्थ जैसे रोटी, पनीर, दही, दूध, फल, हरी सब्जी, दाल, अंडा, मछली का सेवन करना चाहिए। टीबी संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहना चाहिए और मास्क लगाना चाहिए। शराब व मादक पदार्थ जैसे सिगरेट, गुटखा का सेवन नहीं करना चाहिए, स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता बेहद आवश्यक है।
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