भ्रम तोड़ने में सफल रहे जनप्रतिनिधि, जागरूकता में निभाई अहम भूमिका

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  • स्वास्थ्य विभाग व पीरामल का प्रयास लाया रंग 
  • पातेपुर में 70 प्रतिशत से लगभग 85 प्रतिशत पहुंचा एमडीए अभियान का कवरेज
वैशाली। सर्वजन दवा अभियान पर भ्रमों का ग्रहण हर बार लगता है। अपनी जवाबदेही के अनुसार लोग उसका निवारण भी करते हैं, लेकिन इस बार जिन्होंने सर्वजन दवा अभियान के भ्रमों का निवारण किया है वह पातेपुर के जनप्रतिनिधि हैं। अभियान की शुरुआत में स्कूलों में बच्चों पर दवाओं के हुए प्रतिकूल असर ने अभियान पर लगभग अंकुश सा लगा दिया था। बच्चों को हुए उल्टी और चक्कर ने दवाओं के उपयोग को लेकर प्रखंड वासियों को संशय में डाल दिया था। ऐसे में मौदह बुजुर्ग की आशा देवी, अली नगर लेवढ़न की ललिता देवी और कपिलेश्वर की सक्रियता और जागरूकता ने पातेपुर के लोगों को एक बार फिर दवाओं के उपयोग को लेकर विश्वास में लिया। नतीजा निकला कि अभियान के कवरेज में भारी उछाल लाते हुए इसे लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंचाया। मुखिया ललिता देवी ने बताया कि जब हमने फाइलेरिया के दुष्प्रभाव के बारे में जाना तब हमें सर्वजन दवा अभियान की महत्ता का पता लगा। लोगों को यह भ्रम था कि उल्टी और चक्कर आना दवा का दुष्प्रभाव है बल्कि इसने यह संकेत दिया कि दवा सही लोगों तक पहुंची है, जिससे उन्हें भविष्य में फाइलेरिया से सुरक्षा मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग तथा पीरामल बना सारथी:
जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया कि पातेपुर में एडीआर के भ्रम को तोड़ने में जनप्रतिनिधियों ने महती भूमिका निभाई है। जिस कारण उस ब्लॉक में कवरेज राज्य  के द्वारा दिए गए लक्ष्य के करीब पहुंच पाया। जनप्रतिनिधियों से मिल कर उन्हें सर्वजन दवा सेवन के बारे में सटीक जानकारी देने के लिए पीरामल के पीयूष चंद्र ने भी आगे बढ़कर कार्य किया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी साथ रहे। जनप्रतिनिधियों ने अपने वार्ड सदस्यों को पत्र लिखकर, ग्राम सभाओं में लोगों तक दवाओं की सही जानकारी पहुंचायी।
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