गया जी।शांति निकेतन अकादमी ने अपनी तीनों शाखाओं—ए.पी. कॉलोनी, कटारी हिल रोड और गोविंदपुरम रौना—में “अंधकार पर प्रकाश की विजय” लाइट ओवर डार्कनेस की प्रेरणादायक थीम के तहत दीवाली का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया है। दीवाली मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटने की खुशी में मनाई जाती है, जो अज्ञानता पर ज्ञान और अंधकार पर प्रकाश की आध्यात्मिक विजय का प्रतीक है। इस भव्य उत्सव में छात्र-छात्राओं की ओर से कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं हैं, जिनमें नव्या, अधिक आनंद शर्मा, आर्या, ईशानी, अनिरुद्ध कुमार और अन्वी द्वारा कहानी वाचन (स्टोरीटेलिंग); आराधया, आरव और इशिका द्वारा रंगोली; तथा सौम्या, सिद्धार्थ नारायण, दुआ, आन्या, अन्वेषा, आस्था, आराधया, नव्या, आर्या, केशव, सूर्यवंश शरण, इवान सिंह, वैष्णव और प्रिंस द्वारा दीया पेंटिंग शामिल रही। इसके अलावा, उत्सव में आर्या, समर्थ, सक्षम, सानवी और इशिका प्रिया द्वारा भगवान राम की वापसी पर आधारित नाटक (स्किट); संचित, अथर्व कश्यप, राज्यांशी, अदिति, ऊर्जा काली, विराट, वैष्णवी, अथर्व सिंह राजपूत और श्रेयांश द्वारा प्रस्तुत छठ का नाटक; तथा सानवी, अदिति, सनाया, इशिका, आद्या, अरहम, शौर्य, रचित और सिद्धार्थ के शानदार नृत्य ने सभी का मन मोह लिया है। शिक्षकों के द्वारा बच्चों को पपेट एवं कट आउट के माध्यम से स्टोरी टेलिंग के द्वारा दीवाली मनाये जाने की पौराणिक कथा सुनाई गयी इस अवसर पर शांति निकेतन अकादमी के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने अपने संदेश में कहा कि दीवाली हमें यह याद दिलाती है कि हमारे भीतर बुद्धि और सत्य की चिंगारी छिपी है, और यह त्योहार हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा, करुणा और नैतिक मूल्यों के साथ अज्ञानता को दूर करने के लिए प्रेरित करता है।
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