Gen Z ने गृह मंत्री अमित शाह से मांगा पीएम मोदी के लिए ‘भारत रत्न

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देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ को लेकर भारतीय राजनीति के गलियारों में एक बार फिर से नई और बेहद दिलचस्प चर्चा छिड़ गई है। इस बार देश की नई युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen Z) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान ‘भारत रत्न’ दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई गई है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘मन की बात’ चित्र प्रदर्शनी के खास कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की मौजूदगी में यह मुद्दा सामने आया। भाजपा सांसद ने दावा किया कि देश की युवा पीढ़ी यह महसूस करती है कि बीते वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने भारत की वैश्विक और घरेलू छवि को पूरी तरह से बदल दिया है, इसलिए वे इस प्रतिष्ठित सम्मान के सबसे स्वाभाविक हकदार हैं।

‘मन की बात’ चित्र प्रदर्शनी में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और पीएम के 25 वर्षों का सफर

राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘मन की बात’ – ए पेंटिंग एग्जीबिशन (Mann Ki Baat – A Painting Exhibition) का भव्य उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया। इस खास प्रदर्शनी में मशहूर कलाकार मनजीत सिंह द्वारा बनाई गई 76 उत्कृष्ट कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया था, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों की निरंतर निष्काम जनसेवा और नेतृत्व यात्रा को कैनवास पर उतारा गया था। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कलाकार मनजीत सिंह को सम्मानित किया और वहां मौजूद अतिथियों के साथ प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म भी देखी। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी के जरिए राष्ट्र निर्माण का दुनिया का सबसे बड़ा जीवंत मंच बन चुका है।

जेन जी (Gen Z) की भावनाएं और भाजपा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी का बड़ा बयान

प्रदर्शनी के दौरान मीडिया और सभा को संबोधित करते हुए पूर्व में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी (Gen Z) खुले दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की मुरीद है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने युवाओं और नए भारत के नागरिकों से संवाद किया, तो युवाओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे मांग रखी कि पीएम मोदी को उनके ऐतिहासिक कार्यों के लिए ‘भारत रत्न’ से नवाजा जाना चाहिए। विक्रमजीत साहनी ने कहा, “अतीत में देश के कई पूर्व प्रधानमंत्रियों को भारत रत्न सम्मान मिल चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से भारत का मान-सम्मान पूरी दुनिया में 360-डिग्री के कोण पर बदल दिया है, वे वास्तव में इस सम्मान के असली और सबसे मजबूत हकदार हैं”।

भारत के किन-किन पूर्व प्रधानमंत्रियों को मिल चुका है ‘भारत रत्न’?

भारत में सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने का इतिहास काफी समृद्ध रहा है। यदि इतिहास के पन्नों को पलटकर देखें, तो अब तक देश के 9 प्रधानमंत्रियों को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें सबसे पहला नाम देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का है, जिन्हें साल 1955 में उनके कार्यकाल के दौरान ही यह सम्मान दिया गया था। इसके बाद 1966 में लाल बहादुर शास्त्री को (मरणोपरांत), 1971 में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को, 1991 में मोरारजी देसाई और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (मरणोपरांत) को यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा गुलजारीलाल नंदा (1997), अटल बिहारी वाजपेयी (2015), चौधरी चरण सिंह (2024) और पी. वी. नरसिम्हा राव (2024) को भी भारत रत्न से नवाजा जा चुका है।

नई पीढ़ी की उम्मीदें और आगामी राजनीतिक विमर्श

प्रधानमंत्री मोदी के लिए उठी ‘भारत रत्न’ की इस मांग ने जहां राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, वहीं यह भी साफ कर दिया है कि देश का युवा वर्ग उनके डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप मिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे विजन से गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करता है। यद्यपि किसी भी गणमान्य व्यक्तित्व को भारत रत्न दिए जाने का अंतिम संवैधानिक निर्णय केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन द्वारा तय प्रक्रियाओं के तहत लिया जाता है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सार्वजनिक मंच से उठी इस मांग ने आगामी दिनों के लिए राजनीतिक चर्चाओं का नया एजेंडा तय कर दिया है।

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