32000 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आ रहा था फ्लाईदुबई का प्लेन: कॉकपिट में खूनी संघर्ष के बाद बोइंग के मजबूत डिजाइन ने ऐसे टाली महाविनाशक तबाही

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अंतरराष्ट्रीय विमानन जगत को दहला देने वाली फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान से जुड़े खुलासे हर किसी को हैरान कर रहे हैं। विमान के भीतर कॉकपिट में दो पायलटों के बीच हुई खूनी भिड़ंत, यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी क्रू द्वारा विमान को संभालने की वीरतापूर्ण कहानियों के बीच अब एक और अहम पहलू सामने आया है। इस पूरी घटना में बोइंग 737 मैक्स (Boeing 737 Max) विमान के मजबूत और अत्याधुनिक डिजाइन ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए एक बहुत बड़ी तबाही को टालने में अहम भूमिका निभाई है। हवा में लगभग सीधा गोता लगाने और मौत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद यह विमान 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी बोइंग के इस मजबूत इंजीनियरिंग डिजाइन की खुलकर तारीफ की है।

कॉकपिट में हमले के बाद अनियंत्रित होकर नीचे गिरता विमान

घटना के दौरान सह-पायलट (को-पायलट) द्वारा मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर अचानक किए गए जानलेवा हमले के बाद विमान पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया था। हमले के प्रभाव से विमान खतरनाक तरीके से पहले नीचे की तरफ गोता लगाने लगा, फिर अचानक ऊपर उठा और दोबारा अत्यधिक तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा।

फ्लाइटराडार24 (Flightradar24) के आंकड़ों के मुताबिक, एक समय ऐसा आया जब यह विमान 32,000 फीट प्रति मिनट की भयानक और अकल्पनीय रफ्तार से नीचे की तरफ आ रहा था। इस दौरान विमान में सवार यात्रियों को लड़ाकू विमान चालकों और अंतरिक्ष यात्रियों की तरह अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल (G-Force) का सामना करना पड़ा, जो किसी भी सामान्य नागरिक उड़ान के लिए अभूतपूर्व था।

घायल कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और यात्रियों का सूझबूझ भरा कदम

गंभीर रूप से घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी आखिरी ताकत जुटाकर अंदर से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जो सामान्यतः केवल अंदर से ही खुल सकता है। अस्पताल से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करते हुए कैप्टन स्मित ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया कि उन्हें अहसास हो चुका था कि विमान सीधे जमीन की तरफ गिर रहा है।

जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खुला, यानिव हायून नामक एक सतर्क यात्री और अन्य क्रू मेंबर तुरंत अंदर कूदे और हमलावर को दबोचकर पूरी तरह काबू में कर लिया। यात्री हायून ने बाद में बताया कि वे नेशनल ज्योग्राफिक का लोकप्रिय शो ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ नियमित रूप से देखते हैं, जिससे उन्हें उस आपात स्थिति को तुरंत समझने और सही कदम उठाने में बड़ी मदद मिली। इसके बाद विमान में यात्रा कर रहे ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कमान संभाली। बोइंग 737 के पारंपरिक हॉर्न के आकार वाले सेंट्रल कंट्रोल सिस्टम ने इस संकट के समय एयरबस के साइड-स्टिक्स की तुलना में आपातकालीन हैंडलिंग को बेहद आसान बना दिया।

ध्वनि की रफ्तार के करीब पहुंची गति और फटा हुआ रडर

सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग के बाद जब विमान की जांच की गई, तो सामने आई तस्वीरों में विमान का रडर (Rudder) फटा हुआ दिखाई दिया। इस तीव्र गोताखोरी के दौरान विमान की अधिकतम गति लगभग 1110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जो सामान्य अधिकतम परिचालन सीमा (लगभग 630 मील प्रति घंटा) से काफी अधिक और उस ऊंचाई पर ध्वनि की गति (Speed of Sound) के बिल्कुल करीब थी।

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कमर्शियल विमान को उसके प्रमाणन (Certification) के दौरान उन चरम सीमाओं तक परखा जाता है, जिनकी सामान्य उड़ानों में कभी कल्पना भी नहीं की जाती। यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के पूर्व टेस्ट पायलट बॉब स्टोनी के अनुसार, विमान के विंग्स और मुख्य ढांचे को ऐसी असामान्य परिस्थितियों और भारी दबाव को झेलने के लिए ही डिजाइन किया जाता है। रडर का टूटना लैंडिंग के समय एक अत्यंत गंभीर चुनौती थी, लेकिन विमान के मजबूत स्ट्रक्चरल डिजाइन ने इस अभूतपूर्व दबाव को सफलतापूर्वक झेल लिया।

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