अशोक वर्मा
मोतिहारी : वाटगंज पिपरा कोठी में विगत दो वर्षो से संचालित ब्रह्माकुमारी पाठशाला में आत्मा के पांच स्वरूप का अभ्यास कराया गया फिर मुरली वर्ग चला। वरिष्ठ राजयोगी भ्राता बीके अशोक वर्मा ने कामेंट्री के द्वारा पाच स्वरूप का गहन अभ्यास कराया। पाठशाला में उपस्थित भाई बहनों ने प्रथम स्वरूप आत्मा ज्योति बिंदु स्वरूप के अभ्यास में अपने को उतारा दूसरे आदि स्वरूप का था जिसमें देवी देवता एवं स्वर्ग का बड़ा ही सुंदर कंमेट्री के द्वारा चित्रण किया गया और तीसरा स्वरूप पूज्य स्वरूप का था जो मंदिरों में जड़ मूर्ति स्वरूप का था। चौथा स्वरूप पुरुषोत्तम संगम युग में परमात्मा का अवतरण और बच्चों को अडॉप्ट करना तथा सहज राजयोग एवं ईश्वरीय पढ़ाई से संपूर्णता को प्राप्त कर फरिश्ता स्वरूप में परमात्मा के पास पहुंचना था।इन 5 स्वरूपो का अभ्यास भाई बहनों ने बड़े आत्मिक भाव से किया और योग की गहन अनुभूति की । पांच स्वरूप का अभ्यास कराने के बाद वीके अशोक वर्मा ने दैनिक मुरली वर्ग चलाया जिसमें मुरली की एक-एक सूक्ष्म बिंदुओं पर प्रकाश डाला ।कार्यक्रम में मुख्य रूप से बीके बंशीधर भाई, बीके भूषण भाई ,सेवाकेंद्र प्रभारी के अलावा अन्य भाई बहन थे।
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