श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का पांचवा दिन: अपने और आने वाली पीढी के संस्कार के लिए पूजा के साथ गीता ,भागवत और रामायण  पढें : राजनंदनी किशोरी

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अशोक वर्मा
मोतिहारी : आजकल के युवा पीढ़ी को पूजा के साथ अपने धर्म को जानना चाहिए भगवान की पूजा करनी चाहिए गीता, भागवत, रामायण पढ़े इससे  तुम्हारी आने वाली पीढ़ी संस्कारी हो जाएगी! परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है! उक्त प्रवचन मधु पदमा विवाह भवन में चल रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस वृंदावन से पधारी श्री राजनंदनी किशोरी जी ने भक्तों को बताया !श्री कृष्ण लीला का वर्णन सुन भक्त जय श्री कृष्णा जय श्री राधे का जय घोष करने लगे !पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए किशोरी जी ने बताया कि पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा लिया और स्तनपान कराने लगी श्री कृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पूतना का वध कर उसका कल्याण किया! सभी को गौ की सेवा अवश्य करनी चाहिए !गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की सेवा हो जाती है पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके श्री कृष्ण को पुकारा तब श्री कृष्णा पृथ्वी पर आए हैं इसलिए वह मिट्टी में नहाते खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें! गोप बालकों ने जाकर यशोदा माता से शिकायत कर दी मां तेरे लाल ने माटी खाई, यशोदा माता हाथ में छड़ी लेकर दौड़ी आई अच्छा खोल मुख माता के ऐसा कहने पर श्री कृष्ण ने अपना मुख खोल दिया ,श्री कृष्ण के मुख खोलते हैं यशोदा जी ने देखा कि मुख में चर अचर संपूर्ण जगत विद्यमान है! कार्यक्रम संयोजक अमित कुमार पिंटू ने बताया कि वृंदावन से पधारे आचार्य द्वारा यज्ञ के पांचो यजमान द्वारा सुबह में समस्त यज्ञ पूजन कराया जाता है और दोपहर 1 बजे से 4:00 तक श्रीमद् भागवत कथा 4 जनवरी तक चलेगा! श्रद्धालुओं की अपार भीड़ कथा में उमड़ रही है!
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