मजदूर अधिकार सम्मेलन से मजदूर विरोधी – जनविरोधी – लोकतंत्र विरोधी मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान

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  • 2024 का लोकसभा चुनाव तानाशाही और लोकतंत्र की बीच में है – शशि यादव 
अशोक वर्मा 
मोतिहारी : ऐक्टू के बैनर तले आज  टाउन हॉल में मजदूर अधिकार सम्मेलन संपन्न हुआ जिसमे सभी तरह के मजदूरों,कर्मचारियों एवम स्कीम वर्कर्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रशेखर सिंह,जीतलाल सहनी, कुमांती देवी,विशेश्वर कुशवाहा,रिंकी देवी के 5सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने किया।जबकि संचालन चंद्रशेखर सिंह ने किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐक्टू की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष,बिहार विधान सभा की माननीय सदस्य सह ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड शशि यादव ने कहा कि जब से मोदी सरकार सता में आई है तबसे मजदूरों के अधिकारों पर हमला बढ़ा है 44तरह के श्रम अधिकार कानूनों को खत्म करके 4लेबर कोड बना दिया गया है।8घंटे के कार्य दिवस को बढ़ाकर 12घंटे का कार्य दिवस लागू कर दिया।रोजी रोटी की कोई गारंटी नहीं है।मोदी सरकार की गारंटी सिर्फ पूंजीपतियों के लिए है।आज भाजपा के लोग खुलेआम संविधान बदलने की बात बोल रहे हैं।यदि मोदी सरकार फिर से सता में आती है तो यह संविधान नही रहेगा।यदि यह संविधान नही रहेगा तो मजदूरों को वोट देने का अधिकार भी नही रहेगा।हो सकता है कि यह आखिरी चुनाव हो।पूरे मेहनतकश समुदाय को गुलाम बनाने की साजिश चल रही है।इसलिए अबकी बार का लोकसभा चुनाव खास तरह का चुनाव है।हमे देश के संविधान एवम लोकतंत्र को बचाने के लिए वोट करना है।मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना है और ऐसी सरकार बनानी है जो संविधान के अनुसार चले।मजदूर वर्ग इंडिया गठबंधन के पक्ष में मतदान करेगा।
आज देश में तानाशाही शासन चल रहा है।दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक भ्रष्टाचार के दोषियों को बचाया जा रहा है।इलेक्ट्रोल बॉन्ड असंवैधानिक था जिसे मोदी सरकार ने लाया था।वह चंदा दो धंधा लो स्कीम था।जिसके माध्यम से हजारों करोड़ रुपए की लूट हुई है।विपक्ष के नेताओं को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेलों में बंद किया जा रहा है।सच लिखने वाले पत्रकारों को भी जेल में बंद किया जा रहा उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
मोदी सरकार ने अपने 10वर्षों के शासनकाल में स्कीम वर्कर्स के मानदेय में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नही किया है।जबकि महंगाई चारगुनी बढ़ गई है।मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नही मिल रही है।मजदूरों कर्मचारियों की जिंदगी कठिनाई से गुजर रही है।पढ़े लिखे बेरोजगार नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर नही है।
पुरानी पेंशन योजना को लागू करने से भी यह सरकार भाग रही है।जो बहलियां हो रही है वह टेंपररी है।न तो वेतनमान है और न ही पेंशन है।जिंदगी काफी असुरक्षित हो गई है।देश का हरेक तबका परेशान है लेकिन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक नफरत का जहर फैलाया जा रहा है।
सम्मेलन को ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार,जिला सचिव विष्णुदेव प्रसाद यादव,ललिता देवी,नंदकिशोर दुबे,माला देवी,मुकेश कुमार,अनुराग कुमार,राजेश कुमार,भैरव दयाल सिंह,राघव प्रसाद,रामायण राम,मजिस्तर मांझी,संजय कुमार,धर्मवीर चौधरी,भाग्यनारायण चौधरी,भाकपा माले के जिला सचिव प्रभुदेव यादव,किसान नेता शंभुलाल यादव,रूपलाल शर्मा सहित अनेकों नेताओं ने संबोधित किया।
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