ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाईज यूनियन संबद्ध IREF  का  द्विवार्षिक मंडल अधिवेशन संपन्न

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  • मान्यता प्राप्त रेलवे का सरकारी दलाल यूनियन/फेडरेशन का नेता कर रहे हैं सरकार की दलाली-मनोज पांडेय 
  • पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं इसे हम लेकर रहेंगे- राजेंद्र पाल
अशोक वर्मा 
मोतिहारी : ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाईज यूनियन समस्तीपुर मंडल का द्वितीय द्विवार्षिक अधिवेशन सह पुरानी पेंशन बहाली पर कन्वेंशन 18 मार्च को सामुदायिक भवन अटेरन चौक समस्तीपुर में सम्पन्न हुई। सम्मेलन की विधिवत शुरुआत मुख्य अतिथि IREF के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड मनोज पाण्डेय द्वारा झंडा तोलन से हुई। जिसमें शहीद वेदी पर सभी साथियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उसके बाद पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कन्वेंशन की शुरुआत हुई जिसकी अध्यक्षता ECREU  के जोनल अध्यक्ष संतोष पासवान ने की ।संतोष पासवान ने रेलवे में हो रहे रण ओवर की घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सुरक्षा संरक्षा से जुड़े हुए लाईन कर्मचारियों के रण ओवर की घटनाओं को देखते हुए 2022 में ECREU ने पूरे जोन में विरोध प्रदर्शन किया था जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने तुरंत बाद 9 बिंदुओं को लेकर एक आदेश जारी किया था जिसमें जीवन रक्षक यंत्र देने की बात कही गई थी। लेकिन आज तक जीवन रक्षक यंत्र नहीं दिया गया।  दिखावे के नाम पर कुछेक जगह दो चार रक्षक यंत्र बांटा गया।श्री पासवान ने कर्मचारियों के समस्याओं को लेकर बात करते हुए रेलवे प्रशासन से मांग किया कि ट्रैकमेंटेंनर सहित सभी ग्रुप डी कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे तक पदोन्नति देने , रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार ट्रैकमेंटेंनरों को 2700 , 4100 व 6000 रिस्क एलाउंस, सभी सेफ्टी कैटेगरी के कर्मचारियों को रिस्क एलाउंस, ट्रेन मैनेजर को 4200 ग्रेड पे के इनिशियल पोस्ट पर नियुक्त करने, स्पैड के मामलों में 14/2 के तहत रिमूवल पर रोक लगाने, RAC 1980 के तहत लोकों पायलट को माईलेज भत्ता देने, समानता के तहत ट्रैकमेंटेंनरों सहित सभी ग्रुप डी कर्मचारियों को विभागीय LDCE परीक्षा में शामिल करने, इंडक्शन कोटा के तहत  स-समय  इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को अन्य विभागों में स्थानांतरित करने,
सिग्नल विभाग में नाईट फेलियर गैंग व आठ घंटे ड्यूटी रोस्टर लागू करने सहित अन्य मांगों को रेलवे प्रशासन से लागू करने की मांग की। इसके  स्वागत भाषण फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के जोनल संयोजक उदय महतो ने दिया। मंच का संचालन रत्नेश वर्मा ने किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कामरेड मनोज पाण्डेय ने कहा कि मान्यता प्राप्त यूनियन के नेता कर्मचारियों के साथ गद्दारी करते हुए सरकार की दलाली करने में लगी हुई है। यह जानते हुए कि अब आचार संहिता लागू होने वाले हैं, तो ऐसे नेता और उनके संगठन जिसको हड़ताल को लेकर 78 % से अधिक कर्मचारियों ने हड़ताल के पक्ष में समर्थन किया। महीनों बीत जाने के बाद भी हड़ताल नहीं किया । अब जब आचार संहिता लागू हो गया है तो जान बूझकर हड़ताल का नोटिस दिया है। और अब कह रहे हैं कि अब हम क्या करें। आचार संहिता लागू हो गया है। ऐसे गद्दार, मौकापरस्त फिरकापरस्त, मक्कार और अवसर वादी नेताओं को और ऐसे कर्मचारी विरोधी सरकार दोनों को चुनाव में उखाड़ फेंकना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड राजेन्द्र पाल जी ने कहा कि पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं है बल्कि वो हमारे खून पसीने की कमाई है और इसे हम लेकर रहेंगे। रुपये का रोना रोने वाली केंद्र सरकार कहती है कि पुरानी पेंशन देश पर बोझ है तो  उद्योगपतियों का अरबों खरबों का लोन और टैक्स माफ क्यों कर रहे हैं। खुद पांच पांच पेंशन क्यों ले रही है। एक नेशन एक राशन, की बात करने वाले एक पेंशन की बात क्यों नहीं कर रही है। बतौर विशिष्ट अतिथि एलारसा के जोनल महासचिव कामरेड ए के रावत ने कहा कि दोनों मान्यता प्राप्त यूनियन के नेता सरकार की दलाली करने में लगी हुई है। ऐसे नेताओं को सबक सिखाने की जरूरत है। सभा को संबोधित करते हुए नेशनल मूवमेंट टू सेव रेलवे के राष्ट्रीय प्रचार सचिव डाक्टर कमल उसरी जी ने कहा कि सरकार रेलवे सहित देश के राष्ट्रीय सार्वजनिक संपत्तियों को ओने पौने दामों में बेचने में लगी हुई है। इसे रोकने के लिए रेलवे कर्मचारियों के साथ साथ छात्रों नौजवानों किसानों मजदूरों महिलाओं सहित सभी वर्गों को एकजुट कर रोका जा सकता है।
सम्मेलन के अंत में  विदाई कमिटी की ओर से सचिव रिपोर्ट मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने पेश किया। अंत में 15 सदस्यों की एक कमिटी बनाई गई, जिसके अध्यक्ष मिथिलेश ठाकुर और सचिव संजीव मिश्रा और कोषाध्यक्ष चंदन यादव को बनाया गया। सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें प्रत्येक तीन महीने में अनिवार्य बैठक , और कर्मचारियों के समस्याओं पर मंडल प्रशासन को लेटर लिखने कर समस्याओं का समाधान करने की सहमति हुई। धन्यवाद ज्ञापन  ECREU महासचिव मृत्युंजय कुमार ने  दिया और समापन भाषण मंडल अध्यक्ष मिथिलेश ठाकुर ने दिया। सम्मेलन में एलारसा मंडल सचिव दया शंकर राय, शशिरंजन कुमार, घनश्याम पासवान, गार्ड काउंसिल से अविनाश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष एस पी साहु , ऐक्टू के नेता जयंत कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद, उमेश सिंह, संदीप पासवान, अजय कुमार, आईसा के जिला सचिवज सुनील यादव, रविन्द्र कुमार, दीपक कुमार सिंह, सोहन यादव, आदि लोग मौजूद रहे।
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