बिहार में अस्पताल हो गया गायब : महिला की मौत के बाद गायब हो गया अस्पताल

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रिपोर्ट : अनिल कुमार शर्मा

यह मामला बिहार के बेतिया जिले का है जहां बगहा में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम के बाहर हंगामा किया। ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी, उसे इंफेक्शन हो गया था। अस्पताल के डॉक्टर ने उसे बेतिया रेफर कर दिया था। वहां जाने के बाद फिर से रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को लेकर मोतिहारी के अस्पताल पहुंचे। रविवार को उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद परिजन सोमवार को उसी निजी नर्सिंग होम पहुंचे जहां ऑपरेशन हुआ था। पर वहां कोई नहीं मिला, अस्पताल बंद था। आज फिर से परिजन वहां गए तो पता चला कि न डॉक्टर हैं और न स्टाफ। अस्पताल का बोर्ड, फर्नीचर, ऑपरेशन थिएटर के उपकरण और स्ट्रेचर सहित अन्य सामान गायब थे।

किराए के तीन रूम में अस्पताल चल रहा था। मकान मालिक को बिना बताए तीनों रूम खाली कर सभी चले गए। फर्जी अस्पताल सूरज को डॉ. प्रवीण तिवारी और मनोज यादव तीन साल से चला रहे थे। मामला अनुमंडलीय अस्पताल से 100 मीटर नगर थाना के सामने का है।

नगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-27 के पवरिया टोला निवासी मोहम्मद रहमत की पत्नी कमरुल नेशा (25) को प्रसव के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में 11 मार्च को भर्ती कराया गया था। जहां से एक आशा ने परिजन को फर्जी अस्पताल पहुंचाया। वहां उसी दिन रात में ऑपरेशन हुआ।

महिला ने बेटी को जन्म दिया, पर महिला के पेट में इंफेक्शन हो गया। उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति नाजुक देखते हुए उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया। बेतिया से उसे मोतिहारी ले जाया गया। जहां रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। नवजात सुरक्षित है।

परिजनों ने नगर थाने में आवेदन दिया है। इसके अलावा जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय और एसडीएम डॉ. अनुपमा सिंह से भी गुहार लगाई है।

मृतका के ससुर मोहम्मद बादशाह खान ने बताया कि 11 मार्च को प्रसव पीड़ा के बाद अनुमंडल अस्पताल बगहा में बहू को भर्ती कराया था। जहां से डॉक्टर ने स्थिति नाजुक देखते हुए रेफर कर दिया। इसी दौरान अस्पताल में कार्यरत एक आशा ने उन्हें बहला फुसलाकर निजी अस्पताल सूरज में पहुंचाया।

डॉक्टर ने 11 मार्च की रात मरीज का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद सूरज अस्पताल के डॉक्टर ने उसे बेतिया रेफर कर दिया।

मकान मालकिन मुमताज खातून ने कहा कि तीन रूम किराए पर दिया था। रात में कब और कैसे सब गायब हो गया, पता नहीं।

अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर केबीएन सिंह ने बताया कि मामले की सूचना मिली है। आवेदन परिजनों ने नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद आशा या फैसिलिटेटर जो भी शामिल हो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

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