सुगौली की महिलाएं करेंगी ओयस्टर मशरूम का उत्पादन

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  • चंपारण में मशरूम उत्पादन में क्रांति ला दिए हैं समाजसेवी उमाशंकर प्रसाद 
अशोक वर्मा
मोतिहारी : सुगौली प्रखण्ड के श्रीपुर बिशुनपुर की 30 महिलाओं ने नाबार्ड द्वारा प्रायोजित निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 दिनों तक ओयस्टर मशरूम उत्पादन पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने महिलाओं को अपनी क्षमताओं को विकसित करने और व्यवसाय में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया । उन्हें मशरूम के उत्पादन, प्रबंधन, और विपणन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मिली। प्रशिक्षण कार्यक्रम की समाप्ती पर सभी 30 प्रशिक्षित महिलाओं को नाबार्ड के डीडीएम आनंद अतिरेक ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसके अलावा सभी महिलाओं को उनके बैंक खाते में स्टाइपेंड की राशि भी भेजी गयी। आनंद ने  बताया कि ओएस्टर के सेवन से शरीर की कोलेस्ट्रोल की समस्या में काफी आराम मिलता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और गुड फैट पाया जाता है, जिसकी मदद से भोजन का शरीर में कोलेस्ट्रोल के लक्षण को कम किया जा सकता है। साथ ही फाइबर के कारण यकृत में ट्राइग्लिसराइड इकट्ठा नहीं होता है, जिसकी वजह से लीवर संबंधित कई समस्याओं में सहायता मिलती है। साथ ही ये इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबन्धक संजीत कुमार राय ने महिलाओं को जीविका के द्वारा मिलने वाली राशि का उपयोग मशरूम उत्पादन की इकाई के निर्माण में करने की सलाह दी। कार्यक्रम को सफलपूर्वक संचालित करने में कृषक विकास समिति (एनजीओ) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के अध्यक्ष उमाशंकर प्रसाद ने सभी महिलाओं को कार्यक्रम में सीखे हुए ज्ञान का उपयोग अपनी जीविका बढ़ाने में करने कि सलाह दी। बैठक में जीविका के अधिकारी, प्रशिक्षक रवीन्द्रनाथ तथा एनजीओ कार्यकर्ता संतलाल भी उपस्थित रहे।
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