सावित्रीबाई फुले की जीवनी को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता है -गोपाल पटवा

2 Min Read
 गया।रविवार को उधोग नगरी मानपुर पेहानी  पटवाटोली स्थित वृक्ष वी द चेंज नि:शुल्क शिक्षण संस्थान में राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी की 127वीं पूणयतिथि पर अध्यनरत छात्राओं को उनके जीवनी से अवगत कराते हुए , विपरीत परिस्थिति में उनके द्वारा किए गए नारी शिक्षा का अलख जगाने की उनके संकल्प को बताया गया है। इस अवसर पर गोपाल प्रसाद पटवा अध्यक्ष बिहार प्रदेश बुनकर कल्याण संघ ने सावित्रीबाई को श्रद्धांजलि ,कोटी – कोटी नमन करते हुए कहा सावित्रीबाई फुले की जीवनी को शौक्षनिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता है। सावित्रीबाई फुले
नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता , भारत की पहली महिला शिक्षिका एवं महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले ,
नारी शिक्षा, सम्मान और महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए इनके अद्वितीय प्रयास सदैव अनुकरणीय रहेंगे। आज़ हमलोग उनकी 127वीं पूणयतिथि पर मुखर होकर महिला सशक्तिकरण , शत् प्रतिशत नारि शिक्षा , समानता का अधिकार दिलाने का लक्ष्य पूरा करने में अपना सार्थक योगदान सुनिश्चित करे। भारत सरकार से मां सावित्रीबाई फुले को राष्ट्रमाता का सम्मान दर्जा प्रदान करने कि मांग किया। प्रकाश राम पटवा ने चंद्रकांत पाटेश्वरी के द्वारा विशेष कर लड़कियों के शिक्षण पर विशेष ध्यान देने पर आभार प्रकट किया चंद्रकांत पाटेश्वरी सावित्रीबाई फुले के पदचिन्ह पर चल रहे हैं। इस मौके पर गोपाल प्रसाद पटवा अध्यक्ष बुनकर संघ , प्रकाश राम पटवा जिला अध्यक्ष व्यवसायिक व उधोग प्रकोष्ठ जदयु दुखन पटवा बुनकर प्रकोष्ठ जिला संयोजक भाजपा , चंद्र कान्त पाटेशवरी संस्थापक वृक्ष द चेंज फ्री एंड फेयर एजुकेशन डुगेश्वर प्रसाद , रंजीत कुमार सहित बड़ी संख्या अध्ययरत छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
20
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *