संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से नवाजी जाएँगी चंपारण की बेटी डाॅ. नीतू कुमारी नूतन

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  •  महामहिम राष्ट्रपति के हाथों नई दिल्ली में सम्मानित होंगी डाॅ.नूतन 
  • भारत सरकार द्वारा देश के दिग्गज कलाकारों के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता है संगीत नाटक अकादमी अवार्ड 
अशोक वर्मा
मोतिहारी  : अपनी कलात्मक उपलब्धियों की बदौलत देश- दुनिया में विशिष्ट पहचान कायम कर चुकीं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध गायिका व चंपारण की बेटी डाॅ. नीतू कुमारी नूतन को भारत सरकार  ने संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से नवाजे जाने की घोषणा की है।
यह अवार्ड उन्हें भारत की महामहिम राष्ट्रपति के कर- कमलों से नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की स्वायत्त संस्था संगीत नाटक अकादमी भारत की संगीत एवं नाटक की राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी अकादमी है ,जो कला के क्षेत्र अर्थात संगीत, नृत्य, थियेटर तथा अन्य पारंपरिक कलाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए महान विभूतियों को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित करती है। डाॅ.नूतन को परंपरागत लोक संगीत, लोक संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासतों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर प्रतिष्ठापित करने में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए संगीत नाटक अकादमी ने ‘संगीत नाटक अकादमी अवार्ड- 2022’ से नवाजे जाने की घोषणा सोमवार को की है। बता दें कि देश के  दिग्गज कला – विभूतियों के लिए भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता है। डाॅ.नूतन को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड भारत की महामहिम राष्ट्रपति के हाथों प्रदान किया जाएगा। देश भर से संगीत नाटक अवार्ड के लिए चयनित कलाकारों को सम्मानित करने के लिए पहले तिथि निर्धारित कर उन्हें विधिवत आमंत्रित किया जाता है,फिर राष्ट्रपति के हाथों उन्हें इस पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है।
देश- विदेश के कई प्रतिष्ठित मंचों  पर अपनी कला का परचम लहरा अपार लोकप्रियता हासिल कर चुकीं व दुनिया के कई देशों में सम्मानित हो चुकी डाॅ.नूतन को संगीत नाटक अकादमी, भारत सरकार ने विगत माह कला- दीक्षा अभियान अन्तर्गत राज्य-गुरु नियुक्त किया था। भारत सरकार द्वारा इस महत्वपूर्ण पद पर आसीन की गईं डाॅ.नूतन लोक-विधा के क्षेत्र में चयनित बिहार की अकेली कला शख्सियत हैं। पिछले दिनों डाॅ.नूतन ने भारत के संसद भवन के ऑडिटोरियम में अपने अद्भुत गायन की प्रस्तुति दे कला के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया था। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, भारत सरकार की सदस्य डाॅ.नूतन बिहार की अकेली कला शख्सियत हैं, जिन्हें  मॉरीशस के राष्ट्रपति ने ‘मॉरीशस कला सम्मान’ से नवाजा था। डाॅ.नूतन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय अंतर्गत आईसीसीआर की पैनल्ड आर्टिस्ट एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार अंतर्गत आईसीआर की मान्यताप्राप्त कलाकार हैं। चंपारण की बेटी डाॅ.नूतन ने भारतीय संगीत नाटक अकादमी के तत्त्वावधान में  चंपारण के धराधाम पर लगभग एक सौ पच्चीस करोड़ के बजट से पाँच दिवसीय ‘लोकजात्रा’ का आयोजन कराया था, जिसमें देशभर से साढ़े छह सौ कलाकारों ने अपनी कला के जौहर बिखेरे थे। बिहार सरकार के वित्त समिति की सदस्य डाॅ.नूतन की लिखित माँग पर राज्य सरकार ने विगत वर्ष करीब तीन सौ करोड़ की लागत से बिहार में कला विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की है। बिहार की इकलौती कला – विभूति डाॅ. नूतन, जिन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय अंतर्गत सीसीआरटी द्वारा वरिष्ठ अनुसंधान फेलोशिप अवार्ड से अनुगृहित होने का भी गौरव प्राप्त है। डाॅ.नूतन ने साढ़े छह सौ पृष्ठ में ‘कालिदास के साहित्य संसार में संगीत का स्वरुप’ नामक पुस्तक की रचना कर कला- साहित्य जगत में अपार ख्याति अर्जित की है। चंपारण, बिहार एवं भारत की अमूल्य कला- धरोहर डाॅ.नूतन कला, साहित्य व पारंपरिक संस्कृति के माध्यम से वर्तमान युवा पीढ़ी को संस्कारित कर नये भारत के निर्माण को कृतसंकल्पित हैं।
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