सदर अस्पताल में डीएम ने सर्वजन दवा खाकर किया फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत

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  • प्रथम तीन दिन स्कूलों में बूथ लगाकर बच्चों को खिलाई जाएगी सर्वजन दवा : सिविल सर्जन
  • घर घर जाकर आशा खिलाएँगी अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली
  • 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती स्त्री व गंभीर बीमार को नहीं करना है दवा का सेवन
मोतिहारी : फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले के मोतिहारी सदर अस्पताल के ओपीडी पहुंच कर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने खुद फाइलेरिया रोधी सर्वजन दवा का सेवन कर आगामी 17 दिनों तक चलने वाले सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि सभी स्वस्थ व्यक्ति जो 2 वर्ष से ऊपर के हैं, उन्हें फाइलेरिया( हाथी पाँव ) से सुरक्षित रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही डीइसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा का सेवन करना चाहिए। इस मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ श्रवण कुमार पासवान, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डीसीएम नंदन झा, अस्पताल प्रबंधक डॉ कौशल दुबे व अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी फाइलेरिया रोग से बचाव हेतु सर्वजन दवा का सेवन किया।दवा सेवन के पश्चात एएनएम द्वारा दवा सेवन करने वालों की उँगलियों पर निशान भी लगाए गए। सीएस डॉ श्रवण कुमार पासवान ने कहा कि फाइलेरिया संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर द्वारा प्रसारित होने वाला गंभीर रोग हैं। इस रोग के लक्षण सामान्यतः 5 वर्ष या कभी-कभी इससे भी अधिक समय के पश्चात दिखते हैं। इस रोग से बचाव हेतु जिलेभर में आज से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए राउंड) की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पहले तीन दिन स्कूलों में बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी, उसके बाद 14 दिन घर-घर जाकर आशा व स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे। वहीं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवा सेवन करने के लिए प्रचार प्रसार कर जन समुदाय को जागरूक किया जा रहा है।  उन्होंने बताया कि जिले में 48 लाख 46 हजार 566 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कुल 4 हजार 646 आशा, 345 आंगनबाड़ी सेविका, 779 वोलेंटियर एवं 281 आशा फैसिलिटेटर कार्यरत रहेंगे। 3 हजार 270 स्कूलों में बूथ लगाई जाएगी।
खाली पेट नहीं खाना है सर्वजन दवा :
डीभीडीसीओ डॉ शर्मा ने बताया कि 02 से 5 वर्ष के बच्चों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 1 टैबलेट डीईसी, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 2 टैबलेट्स डीईसी और 15 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को 1 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 3 टैबलेट्स डीईसी की दवा खिलाई जाएगी।  डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन ने बताया कि ध्यान रखना है कि दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। यह दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को नहीं खानी है। उन्होंने बताया कि दवा सेवन के उपरांत कुछ लोगों में उल्टी, सर दर्द, जी मिचलाना जैसी शिकायतें हो सकती हैं जो स्वतः समाप्त हो जाती हैं। दवा सेवन के बाद किसी भी प्रकार के साइड इफ़ेक्ट होने पर लोगों की सुरक्षा हेतु जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रेस्पोंस टीम का गठन भी किया गया है।
इस मौके पर सीएस डॉ श्रवण कुमार पासवान, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डीभीडीसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा, डैम अभिजीत भूषण, डीसीएम नंदन झा, पीसीआई के जिला प्रतिनिधि मनोज कुमार, पिरामल के जिला प्रतिनिधि मुकेश कुमार, सिफार के सिद्धांत कुमार, भीडीसीओ सत्यनारायण उरांव, धर्मेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।
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